Edited By Tanuja,Updated: 21 May, 2026 01:44 PM

असीम मुनीर के तेहरान दौरे की संभावना के बीच पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्य की भूमिका निभा रहा है। शांति समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को “सही जवाब” देने की चेतावनी दी है।
International Desk: असीम मुनीर (Asim Munir) गुरुवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंच सकते हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर तेजी से बातचीत चल रही है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचाने और बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है। इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री Syed Mohsen Naqvi भी इस सप्ताह दूसरी बार तेहरान पहुंचे थे। वहां उन्होंने ईरानी अधिकारियों और नेताओं से मुलाकात की।
पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन (Masoud Pezeshkian) से भी बातचीत की। इस दौरान अमेरिका-ईरान वार्ता, वेस्ट एशिया की स्थिति, क्षेत्रीय तनावव संभावित समझौते पर चर्चा हुई। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई (Esmaeil Baghaei) ने कहा कि अमेरिका का नया प्रस्ताव तेहरान को मिल चुका है और उसकी समीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया है। ईरान ने कहा कि बातचीत अभी जारी है और कई दौर की कूटनीतिक चर्चा हो चुकी है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump लगातार ईरान पर दबाव बना रहे हैं।
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने “सही जवाब” नहीं दिया तो हालात बहुत तेजी से युद्ध की तरफ जा सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि “हम पूरी तरह तैयार हैं। हमें 100% सही जवाब चाहिए।”इसके बाद व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी Stephen Miller ने और सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास केवल दो विकल्प हैं अमेरिका की शर्तें मानना या अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का सामना करना। अगर बातचीत सफल होती है तो युद्ध टल सकता है, होर्मुज जलडमरूमध्य संकट कम हो सकता है, तेल की कीमतों में राहत मिल सकती है लेकिन अगर वार्ता विफल हुई तो अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा सैन्य टकराव शुरू हो सकता है।