Edited By Tanuja,Updated: 17 May, 2026 04:59 PM

पाकिस्तान रेलवे की आर्थिक सुधार की दावेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के 21 अरब पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा बकाया अब तक नहीं दिए गए। ग्रेच्युटी, सहायता पैकेज और वेलफेयर फंड अटके होने से कर्मचारियों में भारी...
Islamabad: पाकिस्तान रेलवे (Pakistan Railways) द्वारा वित्तीय प्रदर्शन बेहतर होने के दावों पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेलवे विभाग अपने वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 21 अरब पाकिस्तानी रुपये से अधिक के भुगतान अब तक नहीं कर पाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि Ministry of Railways और Ministry of Finance के बीच फंड जारी करने को लेकर विवाद चल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने इस देरी की जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय पर डाल दी है।
दस्तावेजों के अनुसार मार्च 2023 के बाद रिटायर हुए कर्मचारियों को अब तक पोस्ट-रिटायरमेंट लाभ नहीं मिले हैं। करीब 5,578 रिटायर्ड कर्मचारियों की ग्रेच्युटी के लगभग 10 अरब रुपये अब भी बकाया हैं। वहीं प्रधानमंत्री सहायता पैकेज के तहत 4,135 मामलों में 7.52 अरब रुपये का भुगतान लंबित है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कर्मचारियों के विवाह अनुदान के 1.18 अरब रुपये और बेनेवोलेंट फंड के 1.52 अरब रुपये भी जारी नहीं किए गए हैं। इस देरी के कारण रेलवे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में भारी नाराजगी बढ़ रही है।
रेलवे मंत्रालय ने अतिरिक्त 8.19 अरब रुपये के अनुदान की मांग करते हुए दिसंबर 2025 में एक प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक उसे मंजूरी नहीं मिली। रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच महीनों में यह मामला Economic Coordination Committee की बैठक के एजेंडे में भी शामिल नहीं किया गया। आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में Pakistan Railways ने 93 अरब रुपये की कमाई की, लेकिन इसके बावजूद विभाग को सरकार से 64 अरब रुपये की सहायता लेनी पड़ी। इन खुलासों के बाद पाकिस्तान सरकार के आर्थिक सुधार और रेलवे पुनरुद्धार के दावों पर विपक्ष और कर्मचारियों की ओर से सवाल तेज हो गए हैं।