Edited By Tanuja,Updated: 12 May, 2026 06:27 PM

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को कथित समर्थन देने पर चीन को कड़ा संदेश दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादी ढांचे को बचाने की कोशिश करने वाले देशों को अपनी वैश्विक प्रतिष्ठा पर पड़ने वाले असर पर विचार करना चाहिए। साथ ही पाकिस्तान पर...
International Desk: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को कथित तकनीकी समर्थन देने को लेकर चीन पर तीखा हमला बोला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि जो देश आतंकवादी ढांचे को बचाने की कोशिशों का समर्थन करते हैं, उन्हें अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और छवि पर पड़ने वाले प्रभाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा, “हमने ऐसी रिपोर्टें देखी हैं जो पहले से मौजूद जानकारी की पुष्टि करती हैं। जो देश खुद को जिम्मेदार मानते हैं, उन्हें सोचना चाहिए कि आतंकवादी ढांचे की रक्षा करने के प्रयासों का समर्थन उनकी साख को कैसे प्रभावित करता है।”
88 घंटे तक चला Operation Sindoor
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि Operation Sindoor भारत की ओर से किया गया एक सटीक और संतुलित सैन्य अभियान था। जायसवाल ने कहा कि यह कार्रवाई Pahalgam में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। इस हमले में 26 नागरिकों की हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन का उद्देश्य पाकिस्तान की सरजमीं से संचालित और राज्य समर्थित आतंकी ढांचे को नष्ट करना था। भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई। सरकारी सूत्रों के अनुसार यह अभियान 88 घंटे तक चला और इसे आधुनिक युद्ध रणनीति का उदाहरण बताया गया। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन ने दक्षिण एशिया में सैन्य जवाबी कार्रवाई के नियम बदल दिए।
पाकिस्तान ने फैलाया झूठ
इसी बीच भारत सरकार की Press Information Bureau (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया हैंडल्स पर डीपफेक वीडियो फैलाने का आरोप लगाया है। यह वीडियो कथित तौर पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal की छवि का इस्तेमाल कर बनाया गया था। वीडियो में झूठा दावा किया गया कि भारत ने चार राफेल लड़ाकू विमान खो दिए और बाद में पाकिस्तान का पानी रोकने का फैसला लिया। PIB ने साफ कहा कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी और डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किया गया है। एजेंसी ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।
जनता से अपील
भारतीय अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और दावों की सत्यता आधिकारिक स्रोतों से जांचे बिना विश्वास न करें।
सरकार ने कहा कि यह अभियान भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने और मनोवैज्ञानिक युद्ध छेड़ने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। भारत ने दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी “जीरो टॉलरेंस” नीति जारी रहेगी और केवल सरकारी पोर्टल्स से जारी जानकारी को ही आधिकारिक माना जाना चाहिए।