Edited By Tanuja,Updated: 19 Oct, 2026 03:09 PM

जापान में आयोजित ‘मैट रेस’ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को 90 मिनट तक सोने का मौका दिया गया। नींद की गुणवत्ता और जल्दी सोने के आधार पर विजेता चुना गया। इसका उद्देश्य जापान में नींद की कमी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को पर्याप्त आराम के महत्व...
Tokyo: आमतौर पर पैसे कमाने के लिए मेहनत और काम करना पड़ता है, लेकिन जापान में एक ऐसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें लोगों को सोने के लिए ईनाम दिया गया। इसका उद्देश्य लोगों को पर्याप्त नींद लेने के महत्व के प्रति जागरूक करना था। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की नींद की अवधि और गुणवत्ता के आधार पर विजेता चुना गया।
‘मैट रेस’ नाम की इस प्रतियोगिता का आयोजन गद्दे बनाने वाली एक कंपनी ने किया। इसमें दर्जनों लोगों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को आरामदायक गद्दे दिए गए और उनकी नींद पर नजर रखने के लिए विशेष उपकरण लगाए गए। प्रतियोगियों को अधिकतम 90 मिनट तक सोने का समय मिला। कम रोशनी वाले कमरे में उन्हें लगातार सोना था। कुछ प्रतिभागी अपने साथ खिलौने लेकर आए, जबकि अन्य ने आरामदायक माहौल में नींद पूरी करने की कोशिश की। प्रतियोगिता की विजेता सुइमी ने बताया कि वह अलग घर में रहना चाहती हैं और इनामी राशि का इस्तेमाल घर बदलने के खर्च के लिए करेंगी। उन्होंने शानदार बिस्तर खरीदने की इच्छा भी जताई।
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में केवल जल्दी सो जाना ही नहीं, बल्कि नींद की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण थी। हालांकि, उपलब्ध विवरण में विजेता की नींद का सटीक माप और इनामी राशि के भारतीय रुपये में रूपांतरण की तारीख स्पष्ट नहीं है। प्रतियोगिता के रचनात्मक निर्देशक रिइचिरो नाकामा ने कहा कि जापान में लोगों की व्यस्त दिनचर्या और काम के प्रति समर्पण का असर उनकी नींद पर पड़ता है। लंबे कामकाजी घंटे, आने-जाने में लगने वाला समय और देर रात तक सक्रिय रहना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। आर्थिक सहयोग और मनोरंजक प्रतियोगिता के जरिए आयोजक लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि पर्याप्त नींद भी स्वस्थ जीवन का जरूरी हिस्सा है।