कच्चे तेल में तेजी से शेयर बाजार में तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 460 अंक टूटा

Edited By Updated: 22 Oct, 2026 05:51 PM

stock market declines bse slips 460 points nifty closes at 22 687

शेयर बाजार में आज 22 अक्टूबर को गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 460.30 अंक (0.62%) गिरकर 73,249.39 पर आ गया। वहीं, निफ्टी 123.70 अंक (0.54%) टूटकर 22,687.65 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मजबूती से भी निवेशकों की...

मुंबईः कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन जारी रहा और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 460 अंक लुढ़का, जबकि एनएसई निफ्टी 124 अंक के नुकसान में रहा। विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के बीच कच्चे तेल के दाम चढ़ने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के बीच दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी), बिजली और आईटी शेयरों समेत चौतरफा बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार नुकसान में रहे।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,249.39 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 704.58 अंक तक टूटकर 73,005.11 अंक के निचले स्तर पर आ गया था। एनएसई निफ्टी भी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 256.5 अंक टूटकर 22,554.85 अंक पर आ गया था।

सेंसेक्स में शामिल शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, इटर्नल, एचडीएफसी बैंक, पावरग्रिड, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, आईटीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि., महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और लार्सन एंड टुब्रो में प्रमुख रूप से गिरावट रही। वहीं, लाभ में रहने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मास्युटिकल्स, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व शामिल हैं।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ''पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। इससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। रुपए में भी तेजी का रुख जाता रहा और कारोबार के दौरान यह लगातार कमजोर होता गया, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। बैंक शेयरों की अगुवाई में प्रमुख सूचकांकों ने उबरने की कोशिश की लेकिन ऊंचे स्तर पर यह तेजी कायम नहीं रह सकी।'' उन्होंने कहा कि घरेलू बॉण्ड प्रतिफल के हाल के उच्च स्तर पर लौटने से शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन की फिर से समीक्षा होने लगी और लगभग सभी क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

नायर ने कहा, ''जापान के महंगाई के आंकड़े आने से पहले वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार रहा और अंत में इसमें गिरावट दर्ज की गई। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी कंपनियों के शेयरों के मुकाबले अधिक गिरावट रही।''

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, हांगकांग का हैंग सेंग, जापान का निक्की और चीन में शंघाई कम्पोजिट काफी नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में बृहस्पतिवार को दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। वहीं, अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव तीन प्रतिशत चढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,022.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 1,614.32 करोड़ रुपए के शेयरों की लिवाली की। सेंसेक्स बुधवार को 143.21 अंक टूटकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 77.60 अंक की गिरावट के साथ 22,811.35 अंक पर रहा था।  

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!