अपने पालतू कुत्तों को मारो और उनका सूप बना कर पीओ, सनकी किंग के राज में जानें क्यों दी गई लोगों को अजीब सलाह

Edited By Updated: 06 Aug, 2026 01:58 PM

north koreans told to eat dog meat soup to beat summer heat

नॉर्थ कोरिया में भीषण गर्मी के बीच सरकारी मीडिया में पारंपरिक डॉग मीट सूप पीने की सलाह सामने आई है। इसे शरीर को ऊर्जा देने वाला बताया गया है। हालांकि, इसके स्वास्थ्य लाभों के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। कोरियाई प्रायद्वीप में इस दौरान कई...

Pyongyang: नॉर्थ कोरिया इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। तापमान कई इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर पहुंचने की खबरों के बीच वहां की सरकारी मीडिया में लोगों को पारंपरिक डॉग मीट सूप पीने की सलाह दिए जाने की खबर सामने आई है।  सरकारी अखबार रोडोंग सिनमुन में प्रकाशित एक रिपोर्ट में एक वरिष्ठ डॉक्टर के हवाले से इस पारंपरिक व्यंजन को गर्मी के मौसम में शरीर को ऊर्जा देने वाला बताया गया। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इसे पूरे देश के लिए जारी कोई अनिवार्य सरकारी फरमान मानना सही नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे सरकारी मीडिया में प्रकाशित सलाह के तौर पर बताया गया है।

 

आखिर डॉग सूप की सलाह क्यों?
रिपोर्टों के मुताबिक, कोरियाई भाषा में इस व्यंजन को ‘डांगोगी गुक’ कहा जाता है। इसका अर्थ लगभग ‘मीठे मांस का सूप’ बताया जाता है।नॉर्थ कोरिया में लंबे समय से कुत्ते के मांस से बने कुछ पारंपरिक व्यंजन खाए जाते रहे हैं। सरकारी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह सूप गर्मी के दौरान शरीर को ऊर्जा देने और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से निपटने में मदद कर सकता है।  रिपोर्ट में इसके कई अन्य स्वास्थ्य लाभों का भी दावा किया गया है। सरकारी मीडिया में प्रकाशित सामग्री में डॉग सूप को दिल से जुड़ी बीमारियों, डायबिटीज और हाइपरथायरॉयडिज्म जैसी समस्याओं के लिए भी लाभकारी बताया गया। हालांकि, इन दावों को लेकर सावधानी जरूरी है। इन स्वास्थ्य लाभों के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए डॉग मीट सूप को किसी बीमारी के इलाज या हीट स्ट्रोक से बचाव का प्रमाणित तरीका नहीं माना जा सकता।

 

पुरुषों की ताकत बढ़ाने की मान्यता भी
नॉर्थ कोरियाई समाज में डॉग सूप को लेकर कुछ पारंपरिक मान्यताएं भी रही हैं। इनमें यह धारणा शामिल है कि इससे पुरुषों की शारीरिक क्षमता बढ़ती है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। लेकिन ये दावे मुख्य रूप से पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इनके समर्थन में पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। रिपोर्टों के अनुसार, राजधानी प्योंगयांग में ऐसे रेस्तरां भी मौजूद हैं जहां डॉग मीट से बने पारंपरिक व्यंजन परोसे जाते हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन को यह व्यंजन पसंद है और सरकारी भोजों में भी इसे परोसा जाता है। 


 
100 साल की भीषण गर्मी से जूझ रहा कोरियाई प्रायद्वीप
डॉग सूप को लेकर यह सलाह ऐसे समय सामने आई है जब कोरियाई प्रायद्वीप में बेहद गर्म मौसम की खबरें हैं। दक्षिण कोरिया के यांगसान में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है। इसे वहां पिछले कई दशकों में दर्ज किए गए बेहद ऊंचे तापमानों में शामिल किया गया है।नॉर्थ कोरिया के कई हिस्सों में भी तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की खबरें हैं। आमतौर पर अपेक्षाकृत ठंडा मौसम रहने वाले प्योंगयांग में भी इस बार असामान्य गर्मी महसूस की जा रही है।

 

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