अब इस देश में भारतीय को 'डॉग' बोलकर तोड़ी नाक, बोला- 'जहां से आए हो, वापस लौट जाओ'

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 06:40 AM

now in this country the nose of an indian is broken by calling it dog

दुनिया में लोग अच्छे और लैविश लाइफस्टाइल में जीने के लिए खूब पैसे कमाने की सोचते हैं. वे इसके लिए विदेशों तक में कमाने जाते हैं और वहां नौकरी या बिजनेस के जरिए मोटी रकम उठाते हैं। इसी के साथ वे अपनी ख्वाहिशों को पूरा कर पाते हैं। भारतीय भी अपना देश...

इंटरनेशनल डेस्कः दुनिया में लोग अच्छे और लैविश लाइफस्टाइल में जीने के लिए खूब पैसे कमाने की सोचते हैं. वे इसके लिए विदेशों तक में कमाने जाते हैं और वहां नौकरी या बिजनेस के जरिए मोटी रकम उठाते हैं। इसी के साथ वे अपनी ख्वाहिशों को पूरा कर पाते हैं। भारतीय भी अपना देश छोड़कर विदेश जाते हैं, लेकिन यहां पर यह सवाल भी उठता है कि आखिर भारतीय विदेशों में कितने सुरक्षित हैं। यह सवाल इसलिए भी है, क्योंकि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के शहर जिलॉन्ग के कोरियो इलाके में 22 वर्षीय सिख नर्स हरमन प्रीत सिंह के साथ कथित तौर पर नस्लीय हमला किया गया। यह घटना एक जिम के बाहर हुई, जहां तीन लोगों ने उन्हें परेशान किया, जबकि वे अपने काम से काम रख रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हरमन प्रीत सिंह जिम में वर्कआउट कर रहे थे, तभी तीन लोगों ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि जब वे जिम से बाहर निकले तो वे लोग बाहर इंतजार कर रहे थे।

एक वीडियो में देखा गया कि एक भारी-भरकम गोरा व्यक्ति, जिसने सफेद टी-शर्ट और बेज रंग की पैंट पहनी थी, सिंह को “इंडियन डॉग” कहकर गाली दे रहा था और अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहा था। सिंह ने बताया, “वह मेरे बहुत करीब आ गया और फिर पीछे हटकर अपना सिर मेरी नाक पर दे मारा। मेरी नाक से तुरंत खून बहने लगा।”

हमले के बाद आरोपी ग्रे रंग की कार में वहां से फरार हो गए। सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें पूरी रात वहीं रहना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें अब एक विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाना होगा और सर्जरी कराने का विकल्प भी सोचना पड़ सकता है। उन्हें एक सप्ताह बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है।

सिंह ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, “मैं खुद को मजबूत रखने की कोशिश करता हूं और ऐसी बातों को नजरअंदाज करता हूं, लेकिन यह बहुत दुख देता है।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं पता कि मैं दोबारा उसी जिम में जाऊंगा या अपने समय बदलूंगा। अब मैं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहा हूं।” सिंह की बहन खुशी कौर ने कहा कि इस घटना से परिवार बहुत आहत और डरा हुआ है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले साल दिसंबर में सिडनी के बॉन्डी बीच पर एक सामूहिक गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसमें यहूदी त्योहार हनुक्का के दौरान 15 लोगों की मौत हो गई थी। गोलीबारी में शामिल दो आरोपियों में से एक हैदराबाद का रहने वाला था और उसके पास भारतीय पासपोर्ट था, हालांकि वह लगभग 30 साल पहले ऑस्ट्रेलिया में बस गया था।

 

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