Edited By Rohini Oberoi,Updated: 18 Feb, 2026 09:37 AM

वेनेजुएला पर सैन्य दबाव बनाने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग तस्करों और नारको टेररिस्ट के खिलाफ अपनी जंग और तेज कर दी है। अमेरिकी सेना के ऑपरेशन सदर्न स्पीयर (Operation Southern Spear) के तहत प्रशांत और कैरिबियाई सागर में एक बड़ी...
Operation Southern Spear : वेनेजुएला पर सैन्य दबाव बनाने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग तस्करों और नारको टेररिस्ट के खिलाफ अपनी जंग और तेज कर दी है। अमेरिकी सेना के ऑपरेशन सदर्न स्पीयर (Operation Southern Spear) के तहत प्रशांत और कैरिबियाई सागर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है जिसमें नशीले पदार्थों की तस्करी कर रही तीन नावों को निशाना बनाया गया। इस सैन्य हमले में कुल 11 लोगों की मौत हुई है।
प्रशांत और कैरिबियाई सागर में सर्जिकल स्ट्राइक
प्रेस टीवी और अमेरिकी साउदर्न कमांड के अनुसार यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। यहां दो अलग-अलग नावों पर हमला किया गया। प्रत्येक नाव पर 4-4 लोग सवार थे जिनकी इस हमले में मौत हो गई।यहां 3 लोगों को ले जा रही एक तीसरी नाव को अमेरिकी सेना ने नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेना ने इस पूरे ऑपरेशन का एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें समुद्र के बीचों-बीच तस्करी के जहाजों को निशाना बनाते हुए देखा जा सकता है।
कौन थे ये लोग? अमेरिकी सेना का दावा
अमेरिकी दक्षिणी कमान (US Southern Command) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि ये तीनों नौकाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नामित आतंकवादी संगठनों द्वारा संचालित की जा रही थीं। ये जहाज उन रास्तों से गुजर रहे थे जो नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कुख्यात हैं। सेना का कहना है कि ये केवल तस्कर नहीं बल्कि नारको टेररिस्ट (नशे का कारोबार करने वाले आतंकी) थे।
सितंबर 2025 से जारी है मौत का आंकड़ा
डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू हुआ ऑपरेशन सदर्न स्पीयर अब तक का सबसे विवादास्पद और आक्रामक सैन्य अभियान माना जा रहा है। सितंबर 2025 से अब तक इस अभियान के तहत कम से कम 145 नारको टेररिस्ट मारे जा चुके हैं। अमेरिका का लक्ष्य लैटिन अमेरिका से आने वाले ड्रग्स के रास्तों को पूरी तरह बंद करना और उन संगठनों की कमर तोड़ना है जो नशे की तस्करी से आतंकी गतिविधियों को फंड करते हैं।
विवाद और बढ़ता तनाव
जहां एक ओर ट्रंप प्रशासन इसे अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहा है वहीं दूसरी ओर बिना किसी कानूनी ट्रायल के समुद्र में लोगों को निशाना बनाने पर मानवाधिकार संगठन सवाल उठा रहे हैं। वेनेजुएला पर हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद इस ऑपरेशन ने लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।