Edited By Pardeep,Updated: 06 Feb, 2026 12:17 AM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद अब अमेरिका ने अपना ध्यान दक्षिण अमेरिका के एक और संकटग्रस्त देश हैती पर केंद्रित कर दिया है।
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद अब अमेरिका ने अपना ध्यान दक्षिण अमेरिका के एक और संकटग्रस्त देश हैती पर केंद्रित कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने अपने सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सदर्न स्पीयर’ के तहत हैती के पास तीन अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोत तैनात कर दिए हैं।
हैती पहले से ही गैंगवार, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट से जूझ रहा है और दुनिया के सबसे गरीब देशों में गिना जाता है। ऐसे में अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है।
हैती के पास पहुंचे तीन अमेरिकी युद्धपोत
रिपोर्ट के मुताबिक, इस सप्ताह की शुरुआत में तीन अमेरिकी नौसैनिक जहाज — USS स्टॉकडेल, USCGC स्टोन और USCGC डिलिजेंस हैती की राजधानी पोर्ट-औ-प्रिंस के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश कर गए। हैती स्थित अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि यह तैनाती “हैती की सुरक्षा, स्थिरता और बेहतर भविष्य के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता” को दिखाने के लिए की गई है।
USS स्टॉकडेल कितना ताकतवर है?
USS स्टॉकडेल एक अर्ले बर्क-क्लास गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर है, जिसे दुनिया के सबसे आधुनिक युद्धपोतों में गिना जाता है।
इस युद्धपोत की क्षमताएं: हवा से होने वाले हमलों का मुकाबला (एंटी-एयर वारफेयर), समुद्र में दुश्मन जहाजों से लड़ने की क्षमता (एंटी-सरफेस), पनडुब्बियों का पता लगाकर हमला करने की क्षमता (एंटी-सबमरीन) और उन्नत रडार और मिसाइल सिस्टम से लैस है। यह जहाज पहले भी कैरेबियन क्षेत्र में ड्रग तस्करी विरोधी अभियानों में तैनात रह चुका है और अमेरिकी नौसेना के सबसे भरोसेमंद युद्धपोतों में से एक माना जाता है।
अमेरिकी कोस्ट गार्ड के जहाज भी तैनात
इसके साथ ही दो जहाज USCGC स्टोन और USCGC डिलिजेंस, अमेरिकी तटरक्षक बल (Coast Guard) के हैं। इनका मुख्य काम है- समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना, अवैध तस्करी रोकना, खोज और बचाव अभियान चलाना। और इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर नजर रखना।
ये जहाज अक्सर कैरेबियन और लैटिन अमेरिकी देशों के आसपास तैनात रहते हैं, खासकर उन जगहों पर जहां ड्रग्स और हथियारों की तस्करी ज्यादा होती है।
अमेरिका ने हैती में युद्धपोत क्यों भेजे?
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के आदेश पर इन युद्धपोतों को ऑपरेशन सदर्न स्पीयर के तहत तैनात किया गया है। यह अभियान पिछले साल शुरू किया गया था, जिसका मकसद है अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क को कमजोर करना, ड्रग तस्करी रोकना और अवैध समुद्री गतिविधियों पर लगाम लगाना है। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस ऑपरेशन के तहत अब तक कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में 100 से ज्यादा संदिग्ध ड्रग तस्करों को मारा जा चुका है।
हैती में तैनाती क्यों चौंकाने वाली है?
अमेरिकी युद्धपोतों की हैती में मौजूदगी इसलिए भी खास है क्योंकि:
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हैती सैन्य रूप से कमजोर देश है
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वेनेजुएला की तरह अमेरिका का सीधा टकराव नहीं है
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हैती पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट में है
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यहां मुख्य खतरा संगठित गैंग्स और अपराधी गिरोह हैं
आलोचकों का कहना है कि अमेरिका अपने सैन्य प्रभाव को बढ़ाने के लिए गरीब देशों को निशाना बना रहा है, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है।
हैती की मौजूदा स्थिति क्या है?
हैती लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहा है: शक्तिशाली गैंग्स का आतंक
ऐसे में अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती से स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है या सुरक्षा बेहतर हो सकती है, यह आने वाले समय में ही साफ होगा।