Edited By Tanuja,Updated: 04 Jul, 2026 07:32 PM

पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म मामले ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। मुख्य आरोपी के उपप्रधानमंत्री इशाक डार का रिश्तेदार होने के दावों के बाद सीनेटर फैसल वावडा ने डार के इस्तीफे की मांग की है। पुलिस मामले की...
International Desk: पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान से करीबी संबंध रखने वाले एक सांसद ने दो विदेशी महिलाओं के अपहरण व उनके साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के सिलसिले में शनिवार को उपप्रधानमंत्री इशाक डार के इस्तीफे की मांग की। घटना के सिलसिले में डार के एक रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद सांसद ने उपप्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की। पाकिस्तानी संसद के उच्च सदन (सीनेट) के सदस्य फैसल वावडा ने संघीय सरकार और पंजाब सरकार पर इस मामले में मंत्री के रिश्तेदार को बचाने का आरोप भी लगाया है। लाहौर में कुछ लोगों के एक समूह ने 29 जून को नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाओं का कथित तौर पर अपहरण कर लिया तथा उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने घटना के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया है, जबकि एक व्यक्ति फरार है। शुक्रवार को लाहौर की एक अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
गिरफ़्तार किये गए लोगों में से एक मुहम्मद रज़ा डार की पहचान इस मामले में मुख्य संदिग्ध के तौर पर की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रजा डार, इशाक डार का पोता है। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि रजा डार पिछले साल सिंगापुर में उन दो महिलाओं से मिला था और वे एक क्रिप्टोकरेंसी उद्यम में साझेदार थे। पुलिस के मुताबिक, रजा डार ने दोनों महिलाओं की पाकिस्तान यात्रा लिए उनके 'बिजनेस वीजा' का इंतजाम किया था। वावडा ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान को ''एक पारिवारिक कंपनी की तरह चलाया जा रहा है।'' उन्होंने सामूहिक बलात्कार की घटना का जिक्र करते हुए मुख्य आरोपी को विदेश मंत्री इशाक डार का ''कथित पोता'' बताया।
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, '' उसे (रजा डार को) संबंधित विदेशी दूतावास के हस्तक्षेप करने के बाद गिरफ्तार किया गया। इतने गंभीर आरोपों के बाद, इशाक डार उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के तौर पर दुनिया के सामने पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकते हैं?'' उन्होंने कहा, ''अगर पाकिस्तान और उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि की जरा भी चिंता है, तो इशाक डार को तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।'' वावडा को व्यापक रूप से पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान का प्रवक्ता माना जाता है। वह संघीय सरकार में गठबंधन सहयोगियों पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के मतों से सीनेट सदस्य चुने गए थे।