Edited By Tanuja,Updated: 29 Jun, 2026 02:32 PM

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई में पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में 36 नागरिकों की मौत तथा 163 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान ने अभी तक इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और स्वतंत्र पुष्टि भी...
International Desk: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों में 36 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 163 अन्य घायल हुए हैं। तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फ़ित्रत के अनुसार, रविवार रात पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों के कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और खबर लिखे जाने तक पाकिस्तान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी। तालिबान के अनुसार पक्तिका के गयान जिले, पक्तिया के त्सामकानी जिले, और कुनार के मानोगई जिले में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने कई रिहायशी मकानों पर बमबारी की। फ़ित्रत का दावा है कि एक हमले में एक बुजुर्ग और एक बच्चे की मौत हुई।
बचाव कार्य के लिए जुटे ग्रामीणों पर कथित रूप से दूसरी बार हमला किया गया, जिसमें 28 लोगों की मौत और 158 लोग घायल हुए। गयान जिले के एक अन्य गांव में हमले में छह लोगों, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे बताए गए, की मौत हुई। कई मकान पूरी तरह नष्ट हो गए। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि नागरिक इलाकों को निशाना बनाना "कायरतापूर्ण आक्रामकता", "अपराध" और "बर्बरता" है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों नागरिकों के हताहत होने का दावा किया गया है। हाल के महीनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के बीच कई बार गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई की घटनाएं सामने आई हैं।
इस महीने की शुरुआत में भी अफगान विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर अफगान हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन और हवाई हमलों पर विरोध दर्ज कराया था।तालिबान का दावा है कि 9 जून की रात हुए कथित पाकिस्तानी हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग की मौत हुई थी, जबकि 14 अन्य महिलाएं और बच्चे घायल हुए थे। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकवादी संगठन करते हैं और सीमा पार से हमले किए जाते हैं। दूसरी ओर, तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है। फिलहाल इस ताजा घटना को लेकर पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।