Edited By Tanuja,Updated: 04 Jul, 2026 05:29 PM

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के ग्वादर जिले में कोस्ट गार्ड कैंप पर आत्मघाती हमला कर 30 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मार दिया। हालांकि, पाकिस्तान सरकार या सेना ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और स्वतंत्र...
International Desk: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले में पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड के एक कैंप पर बड़े आत्मघाती हमले का दावा किया गया है। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उसके लड़ाकों ने ग्वादर के जीवानी (Jiwani) क्षेत्र के पनवान इलाके में स्थित कैंप को निशाना बनाया। द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, BLA का दावा है कि इस हमले में 30 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तान की सेना या सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
BLA के अनुसार, यह हमला उसके आत्मघाती दस्ते मजीद ब्रिगेड ने अंजाम दिया। संगठन का कहना है कि एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे ट्रक को कोस्ट गार्ड कैंप के अंदर पहुंचाकर विस्फोट कर दिया। संगठन का दावा है कि इस शक्तिशाली धमाके से कैंप का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। BLA ने यह भी कहा कि विस्फोट के तुरंत बाद उसके फतेह स्क्वाड ने चारों ओर से कैंप पर हमला किया और बचे हुए सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ की। संगठन का दावा है कि इस कार्रवाई में 30 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। उसने यह भी कहा कि मलबे में दबे लोगों के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
संगठन के मीडिया विंग ने हमले से जुड़ा एक छोटा वीडियो भी जारी करने का दावा किया है। हालांकि, वीडियो और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की सेना और सरकार ने अभी तक इस हमले, हताहतों की संख्या या BLA के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और राहत एवं बचाव अभियान जारी है। ग्वादर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। यदि BLA के दावे सही साबित होते हैं, तो यह हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा सकता है। फिलहाल घटना से जुड़ी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।