Edited By Tanuja,Updated: 28 Oct, 2026 04:38 PM

सर्बिया की राजधानी बेलग्राद में इजराइली दूतावास के बाहर एक हमलावर ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी पर दो चाकुओं से हमला किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में उसे मार गिराया। गृह मंत्री ने घटना को आतंकवादी हमला मानकर जांच की जानकारी दी। देश में खतरे का स्तर...
Belgrade: सर्बिया की राजधानी बेलग्राद में इजराइली दूतावास के बाहर सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला किए जाने के बाद हड़कंप मच गया। बुधवार को हुई इस घटना में सुरक्षाकर्मी को मामूली चोटें आईं, जबकि पुलिस की कार्रवाई में हमलावर मारा गया। सर्बिया के गृह मंत्री इविका डासिस ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच आतंकवादी हमले के तौर पर कर रही है। गृह मंत्री डासिस के मुताबिक, हमलावर की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि एक नाबालिग हमलावर ने कथित तौर पर ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाते हुए जेंडरमेरी के एक सदस्य पर दो चाकुओं से हमला किया।
पुलिस अधिकारी ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए हमलावर को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना में घायल पुलिसकर्मी को मामूली चोटें आईं।
इस्लामिक स्टेट से जुड़ाव की आशंका गृह मंत्री ने कहा कि सर्बिया की सुरक्षा एजेंसियां हमलावर पर पहले से नजर रख रही थीं। उनके अनुसार, वह इस्लामिक स्टेट (ISIS) आतंकवादी संगठन का समर्थक था। डासिस ने यह भी दावा किया कि हमलावर ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर इस्लामिक स्टेट के समर्थन वाला काला झंडा लगा रखा था। हालांकि, हमलावर की पहचान और उसके कथित आतंकी संबंधों को लेकर जांच जारी है। अधिकारियों ने घटना को आतंकवादी हमला मानकर जांच शुरू की है। हमले के बाद सर्बिया ने आतंकवादी खतरे के स्तर को बढ़ाकर सर्वोच्च स्तर पर कर दिया है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इजराइली दूतावास जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस घटना ने सर्बिया में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है, खासकर ऐसे समय में जब देश में हाल ही में महत्वपूर्ण मध्यावधि संसदीय चुनाव हुए हैं। सर्बिया में रविवार को मध्यावधि संसदीय चुनाव हुए थे। यह चुनाव करीब दो वर्षों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद आयोजित किया गया। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, युवा नेतृत्व वाले आंदोलन ने लंबे समय तक सत्ता में रहे पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिस को चुनाव में हार का सामना कराया। हालांकि, नई सरकार का गठन अभी नहीं हुआ है और वुसिस तथा उनके सहयोगियों का पुलिस पर नियंत्रण बना हुआ है।