Edited By Tanuja,Updated: 22 Oct, 2026 12:07 PM

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच ट्रंप प्रशासन ने सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। दम्माम हवाई अड्डे और शायबाह तेल सुविधा से जुड़ी घटनाओं ने मध्य पूर्व...
Dubai: सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका ने अपने राजनयिक मिशन की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। ट्रंप प्रशासन ने सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास के उन कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है, जिनकी वहां तत्काल मौजूदगी जरूरी नहीं है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब में हवाई अड्डों, तेल सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। ताजा हमलों में तीन लोगों की मौत होने की खबर है। इन घटनाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को और बढ़ा दिया है। समाचार एजेंसी एएफपी ने एक राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी राजनयिक मिशनों के कर्मचारियों और उनके परिवारों को लेकर निकासी संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।
सूत्र के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, कतर और बहरीन में तैनात अमेरिकी कर्मचारियों के परिवारों को भी वहां से जाने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब के मामले में आदेश उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों पर लागू होता है, जिनकी वहां तत्काल मौजूदगी आवश्यक नहीं है। उन्होंने सऊदी अरब के बाहर स्थित अमेरिकी राजनयिक मिशनों में किसी बदलाव को लेकर टिप्पणी नहीं की। टॉमी पिगॉट ने कर्मचारियों को हटाने के फैसले के पीछे सऊदी अरब में आम नागरिकों को निशाना बनाकर किए जा रहे हूती हमलों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, "विभाग के कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" अमेरिका का यह कदम क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बीच अपने राजनयिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को संभावित खतरे से बचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष इस महीने और तेज हुआ है। खबर के मुताबिक, हूती बलों ने सऊदी अरब पर लगभग रोजाना हमले किए हैं। इनमें रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ हमला भी शामिल है, जिसे हाल के वर्षों में देश पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक बताया गया है। बुधवार को हुए हमलों में दम्माम के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और तेल सुविधाओं को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं। इन घटनाओं ने सऊदी अरब के अहम परिवहन और ऊर्जा केंद्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि शायबाह तेल सुविधा को निशाना बनाने वाले एक ड्रोन को मार गिराया गया। हालांकि, ड्रोन का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। तेल सुविधाओं पर हमलों की आशंका सऊदी अरब के लिए विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि देश वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हवाई अड्डों और तेल ठिकानों को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।