Edited By Tanuja,Updated: 23 Mar, 2026 04:34 PM

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को दोबारा चुने जाने पर बधाई दी और संबंध मजबूत करने की बात कही। दोनों देशों के बीच सैन्य और रणनीतिक सहयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसका असर वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है।
International Desk: रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती नजदीकी एक बार फिर सामने आई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कोरिया के नेता "सनकी किंग" किम जोंग उन को स्टेट अफेयर्स कमीशन के चेयरमैन के रूप में दोबारा चुने जाने पर बधाई दी है। किम जोंग उन को यह पद तीसरी बार मिला है। उन्हें देश की सर्वोच्च नीति निर्धारण संस्था में यह जिम्मेदारी फिर से सौंपी गई है, जो उनके मजबूत नियंत्रण को दर्शाता है। पुतिन ने अपने संदेश में कहा कि रूस, किम के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में मॉस्को और प्योंगयांग के बीच सहयोग और गहरा होगा। रूस और उत्तर कोरिया के रिश्ते ऐसे समय मजबूत हो रहे हैं जब रूस यूक्रेन युद्ध में उलझा हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर कोरिया ने रूस को सैन्य सहायता और सैनिक तक भेजे हैं। 2024 में दोनों देशों के बीच म्यूचुअल डिफेंस ट्रीटी भी साइन हुआ था जिसका मतलब है कि अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो दूसरा उसका समर्थन कर सकता है।
यह गठबंधन पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।यह फैसला सुप्रीम पीपल्स असेंबली की बैठक में लिया गया, जो देश की संसद जैसी संस्था है। इस बैठक में किम जोंग उन को फिर से शीर्ष पद दिया गया। उनके करीबी सहयोगी जो योंग-वोन को बड़ा पद मिला। प्रधानमंत्री पाक थे-सोंग भी अपने पद पर बने रहे। किम की बहन किम यो-जोंग को इस बार आयोग से हटा दिया गया
चुनाव प्रक्रिया और आंकड़े
उत्तर कोरिया की चुनाव प्रणाली पूरी तरह नियंत्रित मानी जाती है । हर क्षेत्र में केवल एक ही उम्मीदवार होता है। वोटिंग में 99% से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। 99.93% वोट समर्थन में पड़े । इससे साफ है कि यह चुनाव औपचारिक प्रक्रिया ज्यादा है, वास्तविक प्रतिस्पर्धा नहीं।