Edited By Tanuja,Updated: 18 Jun, 2026 03:40 PM

रूस ने अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (MoU) का स्वागत किया है। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov को समझौते की जानकारी दी। मॉस्को ने समझौते का समर्थन करते हुए क्षेत्रीय शांति प्रयासों में सहयोग की पेशकश की है।
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को लेकर रूस ने सकारात्मक रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बातचीत कर समझौते के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी साझा की। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, लावरोव और अराघची के बीच हुई बातचीत में अमेरिका-ईरान समझौते तथा क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई। मॉस्को ने समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि वह संकट के शांतिपूर्ण समाधान और दीर्घकालिक स्थिरता के प्रयासों का समर्थन करता है।
रूस ने यह भी कहा कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय संकटों के समाधान का अनुभव है और आवश्यकता पड़ने पर वह समझौते को आगे बढ़ाने तथा क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने में सहयोग देने के लिए तैयार है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य के सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया। रूस और ईरान हाल के वर्षों में ऊर्जा, व्यापार, परिवहन और रणनीतिक मामलों में सहयोग बढ़ाते रहे हैं।
क्यों अहम है रूस का समर्थन?
रूस लंबे समय से ईरान का प्रमुख रणनीतिक साझेदार रहा है। ऐसे में अमेरिका-ईरान समझौते को रूस का समर्थन मिलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि मॉस्को पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान को आगे बढ़ाने के पक्ष में है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की भूमिका भविष्य की वार्ताओं में भी महत्वपूर्ण रह सकती है।