Edited By Tanuja,Updated: 10 Aug, 2026 11:29 AM

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के गाजा समझौते को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि हमास के पूरी तरह हथियार डालने तक इजराइली सेना गाजा से नहीं हटेगी। इस बीच यमन में हूती विद्रोहियों ने मोखा बंदरगाह पर मिसाइल और ड्रोन से हमला...
Dubai: इजराइल ने गाजा से जुड़े उस समझौते को रविवार को खारिज कर दिया जिसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पिछले महीने ट्रंप द्वारा घोषित गाजा समझौते को खारिज करते हुए कहा कि इजराइली सेना ''तब तक कोई वापसी नहीं करेगी, जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता।'' नेतन्याहू ने मंत्रिमंडल की बैठक में कहा कि ''इजराइल 15 सूत्रीय दस्तावेज को स्वीकार नहीं करता'', हालांकि गाजा को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने पिछले सप्ताह भी इसी तरह की बात कही थी। ट्रंप ने कहा था कि हमास के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही इजराइली सेना गाजा से पीछे हट जाएगी। करीब 20 लाख आबादी वाले उस फलस्तीनी क्षेत्र के आधे से अधिक हिस्से पर अभी भी इजराइली सेना का नियंत्रण है।
नेतन्याहू के बयान पर व्हाइट हाउस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य बासीम नईम ने कहा, ''हम अब भी तय किए गए मार्ग को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्यस्थ और अमेरिका नेतन्याहू पर दबाव बनाएंगे। नेतन्याहू को अगले चुनाव से पहले घरेलू राजनीतिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। सात अक्टूबर, 2023 को हमास की ओर से इजरायल पर किए गए हमले के बाद गाजा युद्ध शुरू हुआ था। फिलहाल वहां एक कमजोर युद्धविराम लागू है। इस बीच पश्चिम एशिया में एक अन्य घटनाक्रम में यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर तट पर सरकार के नियंत्रण वाले एक बंदरगाह पर हमला किया, जिससे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और गृहयुद्ध फिर भड़कने की आशंका पैदा हो गई है।
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार देर रात सरकार के नियंत्रण वाले मोखा बंदरगाह शहर पर हमला किया। लाल सागर तट पर स्थित इस शहर पर 24 घंटे से भी कम समय में यह दूसरा हमला था। हूती नियंत्रित अल-मसीरा टीवी को दिए बयान में हूती सैन्य सूत्र ने कहा कि हमले में हथियारों के भंडार और सऊदी सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। यमन की सशस्त्र सेनाओं ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर बताया कि हमले में रिहायशी इलाकों को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया। हालांकि उसकी हवाली रक्षा प्रणालियों ने कुछ ड्रोन को नष्ट कर दिया। मोखा बंदरगाह यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण वाला प्रमुख बंदरगाह है, जिसे हूती नियंत्रित होदेइदा बंदरगाह से बचने वाले समुद्री यातायात के लिए विकसित किया गया है।