Edited By Parveen Kumar,Updated: 09 Aug, 2026 11:29 PM

दुनिया की मशहूर हीरा कंपनी डी बीयर्स ने दक्षिण अफ्रीका में अपनी सबसे बड़ी 'वेनेशिया खदान' में अगले दो साल के लिए हीरे का प्रोडक्शन रोक दिया है। कंपनी ने यह फैसला बाजार में हीरों की लगातार घटती मांग और गिरते मुनाफे को देखते हुए लिया है।
नेशनल डेस्क : दुनिया की मशहूर हीरा कंपनी डी बीयर्स ने दक्षिण अफ्रीका में अपनी सबसे बड़ी 'वेनेशिया खदान' में अगले दो साल के लिए हीरे का प्रोडक्शन रोक दिया है। कंपनी ने यह फैसला बाजार में हीरों की लगातार घटती मांग और गिरते मुनाफे को देखते हुए लिया है।
लैब में बने हीरों से बढ़ीं मुश्किलें
जानकारी के मुताबिक इंटरनेशनल मार्केट में हीरों की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह चीन जैसे बड़े देशों में खरीदारी में कमी और सस्ते लैब-ग्रोन (लैब में बने) हीरों की बढ़ती लोकप्रियता है। 2022 से कच्चे हीरों के प्राइस इंडेक्स में लगभग 50% की गिरावट आई है। नैतिक कारणों और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, ग्राहक अब प्राकृतिक हीरों के बजाय लैब में बने हीरों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
4,000 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित होंगे
वेनेशिया खदान दक्षिण अफ्रीका के कुल हीरा प्रोडक्शन का 40% से ज्यादा हिस्सा पैदा करती है और यहां लगभग 4,000 लोग काम करते हैं। डी बीयर्स का कहना है कि वह इस दो साल की अवधि का इस्तेमाल खदान के इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाने और इसकी क्षमता बढ़ाने में करेगी। कंपनी को उम्मीद है कि बाजार की स्थिति सुधरने पर प्रोडक्शन फिर से शुरू किया जा सकेगा।
बिज़नेस फोकस में बदलाव
डी बीयर्स की पैरेंट कंपनी, एंग्लो अमेरिकन, अब अपना ध्यान हीरा कारोबार से हटाकर कॉपर मार्केट की ओर ले जा रही है, जिसकी मांग 'AI' टेक्नोलॉजी के बढ़ने के कारण तेजी से बढ़ रही है। हालांकि डी बीयर्स का इतिहास 1871 से जुड़ा है और इसने "A Diamond is Forever" जैसे स्लोगन के साथ दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन मौजूदा बदलते हालात ने इस बड़ी कंपनी को बड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।