अमेरिका में भारतीय छात्रों की एंट्री पर लगा ब्रेक, स्टूडेंट वीजा में 62% की भारी गिरावट

Edited By Updated: 06 Aug, 2026 04:09 PM

62 in us visas for indian students calls to end opt report

अमेरिका में भारतीय छात्रों को जारी छात्र वीजा 2025 में 2024 के मुकाबले 62 प्रतिशत घटकर 22,149 रह गए। चीन के छात्रों के वीजा में भी 34 प्रतिशत कमी आई। वहीं, OPT के तहत काम करने वाले विदेशी छात्रों में 49 प्रतिशत भारतीय हैं। रिपोर्ट में OPT खत्म करने...

Washington: अमेरिका में 2024-25 में लगभग तीन लाख विदेशी छात्रों ने पढ़ाई पूरी करने के बाद अस्थायी रोजगार प्राप्त किया जबकि छात्र वीजा की संख्या में गिरावट दर्ज की गयी। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है। रिपोर्ट में वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (ओपीटी) कार्यक्रम को समाप्त करने की वकालत की गयी है। आव्रजन अध्ययन केंद्र (सीआईएस) के वरिष्ठ कानूनी फेलो जॉर्ज फिशमैन द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में भारतीय छात्रों को जारी किए गए अमेरिकी छात्र वीजा की संख्या 2024 की तुलना में 62 प्रतिशत घट गई, जो अमेरिकी छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगी। रिपोर्ट के अनुसार, चीनी छात्रों को जारी किए गए वीजा में भी 34 प्रतिशत की कमी आई। वर्ष 2025 में चीन के छात्रों को 40,034 वीजा जारी किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 61,075 थी।

 

इसी तरह, अमेरिका ने 2025 में भारतीय नागरिकों को 22,149 छात्र वीजा जारी किए, जबकि 2024 में यह संख्या 58,694 थी। अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (आईआईई) की वार्षिक जनगणना के अनुसार, 2024-25 शैक्षणिक सत्र में अमेरिका के उच्च शिक्षा संस्थानों में 11,77,766 विदेशी छात्र अध्ययनरत थे। इनमें 3,63,019 छात्र भारत और 2,65,919 छात्र चीन से थे। दोनों देशों के छात्र मिलाकर कुल विदेशी छात्रों का 53 प्रतिशत थे। रिपोर्ट में आईआईई के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में पढ़ रहे 10 लाख से अधिक विदेशी छात्रों में से 2,94,253 छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ओपीटी कार्यक्रम के तहत अमेरिका में काम कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, ओपीटी कार्यक्रम के तहत काम कर रहे छात्रों में 49 प्रतिशत (1,43,740) भारतीय थे, जबकि 21 प्रतिशत (61,981) छात्र चीन से थे।

 

फिशमैन ने कहा, ''मैं ओपीटी कार्यक्रम को समाप्त करने की वकालत करता रहा हूं ताकि अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों के वेतन तथा रोजगार के अवसरों की रक्षा की जा सके।'' उन्होंने कहा, ''यदि ऐसा नहीं भी होता है, तो भी भारत और चीन से आने वाले ओपीटी कार्यक्रम के छात्रों की संख्या कम करने से अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव कम होंगे क्योंकि ओपीटी प्रतिभागियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी इन्हीं दोनों देशों के छात्रों की है।'' सीआईएस की रिपोर्ट में तुलना के लिए मई से अगस्त की अवधि को आधार बनाया गया है, क्योंकि आगामी शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए एफ-1 छात्र वीजा का अधिकांश हिस्सा इसी अवधि में जारी किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारतीय नागरिकों को जारी किए गए 77 प्रतिशत एफ-1 वीजा और चीनी नागरिकों को जारी किए गए 76 प्रतिशत एफ-1 वीजा मई से अगस्त के बीच ही जारी किए गए थे।  

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