Edited By Radhika,Updated: 02 Jun, 2026 10:54 AM

साउथेम्प्टन क्राउन कोर्ट ने एक 23 साल के सिख आदमी को 18 साल के यूनिवर्सिटी स्टूडेंट की हत्या के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। आरोपी ने हत्या के लिए सिख कृपाण का इस्तेमाल किया, जिसके बारे में उसने कहा कि वह इसे अपने धर्म का हिस्सा मानता है। यह भयानक...
इंटरनेशनल डेस्क: साउथेम्प्टन क्राउन कोर्ट ने एक 23 साल के सिख आदमी को 18 साल के यूनिवर्सिटी स्टूडेंट की हत्या के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। आरोपी ने हत्या के लिए सिख कृपाण का इस्तेमाल किया, जिसके बारे में उसने कहा कि वह इसे अपने धर्म का हिस्सा मानता है। यह भयानक घटना 3 दिसंबर, 2025 को साउथेम्प्टन के बेलमोंट रोड पर हुई थी। आरोपी विक्रम डिगवा ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथेम्प्टन के फाइनेंस स्टूडेंट हेनरी नोवाक पर 21cm लंबे ब्लेड से पांच बार चाकू से वार किया। कोर्ट ने डिगवा को हत्या का दोषी पाया और अब उसे कम से कम 21 साल जेल में बिताने होंगे।
डिगवा ने पुलिस को दिए अपने बयान में दावा किया कि उसने सेल्फ-डिफेंस में नोवाक पर हमला किया था। उसने कहा कि नोवाक नशे में था और उसने डिगवा को नस्लभेदी गालियां दीं, उसे मुक्का मारा और उसकी पगड़ी उतार दी। डिगवा ने कहा कि जब नोवाक ने उसके बाल पकड़कर उसे धमकाया, तो उसने उसके पैरों के पिछले हिस्से पर मारा लेकिन उसे उम्मीद नहीं थी कि एक मुक्के से नोवाक की छाती में इतना गहरा घाव हो जाएगा।
पुलिस को गुमराह करने का आरोप
ट्रायल के दौरान, प्रॉसिक्यूशन ने कहा कि डिगवा ने झूठ बोला और मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को धोखा दिया। डिगवा ने दावा किया था कि उसने नोवाक को नहीं मारा, जिसके कारण पुलिस ने शुरू में घायल नोवाक को गिरफ्तार करके हथकड़ी लगा दी। हेनरी नोवाक की हालत बिगड़ गई और पुलिस की कोशिशों के बावजूद उसकी मौत हो गई। कोर्ट ने डिगवा के दावों को खारिज करते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।