Edited By Tanuja,Updated: 12 Jul, 2026 02:51 PM

अमेरिका के जेक लेजर ने मल्टीपल स्क्लेरोसिस से पीड़ित अपने पिता के लिए चार पैरों वाले रोबोट से 'बायोनिक रोबोटिक चेयर' बनाई है। यह सीढ़ियां चढ़ सकती है, पथरीले रास्तों पर चल सकती है और कठिन इलाकों को पार कर सकती है। फिलहाल यह एक प्रोटोटाइप है।
International Desk: अमेरिका के रोबोटिक्स मेकर जेक लेजर ने अपने दिव्यांग पिता के लिए ऐसी अनोखी 'बायोनिक रोबोटिक चेयर' तैयार की है, जो उन जगहों तक पहुंच सकती है जहां सामान्य व्हीलचेयर नहीं जा सकती। यह खास चेयर सीढ़ियां चढ़ने, पथरीले रास्तों पर चलने और ऊबड़-खाबड़ इलाकों को पार करने में सक्षम है। जेक के पिता पिछले 20 वर्षों से मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) से पीड़ित हैं और व्हीलचेयर पर निर्भर हैं। पिता की मुश्किलों को देखते हुए जेक ने उनके लिए यह हाई-टेक मोबिलिटी सिस्टम तैयार किया।
इस अनोखी चेयर को बनाने के लिए जेक ने Unitree के चार पैरों वाले इंडस्ट्रियल रोबोट का इस्तेमाल किया। इस रोबोट में पहियों और रोबोटिक पैरों का अनोखा संयोजन है, जिससे यह सामान्य सड़क पर पहियों से चलता है और जरूरत पड़ने पर सीढ़ियां व ऊंची बाधाएं भी पार कर सकता है। रोबोट के ऊपर एक मजबूत रेसिंग सीट और सेफ्टी हार्नेस लगाया गया। साथ ही, जेक ने रोबोट के सॉफ्टवेयर में बदलाव कर उसके बैलेंस सिस्टम को दोबारा प्रोग्राम किया, ताकि वह इंसान के वजन के साथ भी संतुलन बनाए रख सके।यह बायोनिक चेयर वायरलेस ड्यूल-जॉयस्टिक कंट्रोलर से चलती है। उपयोगकर्ता इसे आगे-पीछे, दाएं-बाएं घुमा सकता है और जरूरत के मुताबिक इसकी ऊंचाई भी बदल सकता है।

अपने पिता को इस पर बैठाने से पहले जेक ने चेयर का कई कठिन परिस्थितियों में परीक्षण किया। रोबोट ने ऊंची सीढ़ियां चढ़ीं, पथरीले रास्ते पार किए, नदी किनारे असमतल जमीन पर चला और हर चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया। जब जेक के पिता पहली बार इस रोबोटिक चेयर पर बैठे, तो वे उन जगहों तक पहुंच पाए जहां पिछले दो दशकों से जाना उनके लिए संभव नहीं था। यह पल पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक रहा। फिलहाल यह बायोनिक रोबोटिक चेयर सिर्फ एक प्रोटोटाइप है और बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यह आविष्कार भविष्य में दिव्यांग लोगों के लिए नई पीढ़ी की स्मार्ट मोबिलिटी तकनीक की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।