Edited By Tanuja,Updated: 24 Aug, 2026 05:36 PM

सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह से करीब 63 नॉटिकल मील दूर एक टैंकर अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने के बाद आग की चपेट में आ गया। UKMTO के मुताबिक सभी क्रू सुरक्षित हैं और पर्यावरणीय नुकसान की खबर नहीं है। हमले की जिम्मेदारी अभी किसी संगठन ने नहीं ली है।
Duabi: लाल सागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। ब्रिटेन की UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के मुताबिक, सोमवार को सऊदी अरब के लाल सागर तट के पास एक टैंकर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने के बाद आग की चपेट में आ गया। घटना सऊदी अरब के अहम तेल बंदरगाह यानबू से करीब 63 नॉटिकल मील पश्चिम में हुई। UKMTO के अनुसार, टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और उनका हिसाब-किताब मिल गया है। फिलहाल घटना से किसी तरह के पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
यह घटना यानबू के पास हुई है, जो सऊदी अरब का एक महत्वपूर्ण तेल बंदरगाह है। मौजूदा समय में इस इलाके की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जारी व्यवधान के बीच कई जहाज वैकल्पिक समुद्री रास्तों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में लाल सागर के प्रमुख समुद्री मार्गों पर किसी भी तरह का हमला वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति के लिए चिंता बढ़ा सकता है। लाल सागर में बढ़ते समुद्री खतरे के बीच यमन का ईरान समर्थित हूती संगठन भी लगातार सुर्खियों में है। हूती पहले सऊदी अरब से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दे चुका है। संगठन ने सऊदी तेल कंपनी अरामको से जुड़े यानबू स्थित प्रतिष्ठानों पर हमले का दावा भी किया था। ऐसे में ताजा टैंकर घटना के बाद क्षेत्र में हूती गतिविधियों को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई है। हालांकि इस घटना की जिम्मेदारी अभी हूतियों ने नहीं ली है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब हाल के दिनों में लाल सागर और उसके आसपास हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। 17 अगस्त को हूती संगठन ने दावा किया था कि उसने लाल सागर में सऊदी सेना के एक लैंडिंग जहाज और उसके साथ चल रहे चार एस्कॉर्ट जहाजों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया था कि हमला कई बैलिस्टिक मिसाइलों से किया गया और इसे उन्होंने ‘सीधा और सटीक’ हमला बताया। उनके मुताबिक, लैंडिंग जहाज में आग लग गई, जबकि कुछ एस्कॉर्ट नौकाएं डूब गईं और कुछ अन्य में आग लग गई। हूती प्रवक्ता ने एक अलग बयान में यह भी दावा किया था कि संगठन ने यमन के उत्तर-पूर्वी मारिब प्रांत में स्थित सान अल-जिन कैंप के एक सैन्य हथियार डिपो को कई ड्रोन से निशाना बनाया।हूतियों के मुताबिक, हमले के बाद वहां आग लग गई।