आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में 'दोहरा मापदंड' नहीं होना चाहिए, रूस की धरती से गरजे अजीत डोभाल

Edited By Updated: 28 May, 2026 09:25 PM

there should be no  double standards  in the fight against terrorism

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई किये जाने का बृहस्पतिवार को आह्वान करते हुए कहा कि इसका मुकाबला करने में ''दोहरा मापदंड'' नहीं अपनाया जा सकता है। मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार डोभाल ने यहां...

नेशनल डेस्क : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई किये जाने का बृहस्पतिवार को आह्वान करते हुए कहा कि इसका मुकाबला करने में ''दोहरा मापदंड'' नहीं अपनाया जा सकता है। मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार डोभाल ने यहां एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच को संबोधित करते हुए यह बात कही। डोभाल ने मॉस्को में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच और सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं बैठक में हिस्सा लिया।

दूतावास ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''इस बैठक की मेजबानी रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु ने की।'' इसने कहा, ''एनएसए ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जा सकता। जिम्मेदार देशों को अपने विकल्पों का मूल्यांकन करना होगा और यह तय करना होगा कि वे आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों का समर्थन करते हैं या निर्णायक कार्रवाई से उनका मुकाबला करते हैं।''

डोभाल ने ''1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद स्थापित संरचनाओं और संस्थानों में सुधार की तत्काल आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला ताकि वे समकालीन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा खतरों से निपटने में प्रभावी हो सकें''। पश्चिम एशिया की स्थिति का जिक्र करते हुए, डोभाल के हवाले से दूतावास ने कहा कि ''होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर समेत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से व्यापार की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना आवश्यक है''।

दूतावास ने कहा कि डोभाल बृहस्पतिवार और शुक्रवार को द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे लेकिन इसने इस संबंध में विस्तृत विवरण साझा नहीं किया। बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साइप्रस में अपने यूक्रेनी समकक्ष एंड्री सिबिहा के साथ बैठक की थी और रूस-यूक्रेन संघर्ष, युद्धक्षेत्र के घटनाक्रम और "व्यापक और स्थायी शांति" प्राप्त करने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की थी। भारत ने रूस और यूक्रेन दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखते हुए यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए लगातार संवाद और कूटनीति का आह्वान किया है। 

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