मोजतबा का पहला सार्वजनिक संदेशः ‘ईरान को घुटनों पर लाना चाहते अमेरिका-इजरायल’, देश को अंदर से तोड़ना चाहते

Edited By Updated: 28 May, 2026 07:24 PM

iran supreme leader says us israel seek to  bring nation to its knees

ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान को अस्थिर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सैन्य दबाव में विफल रहने के बाद अब दुश्मन आंतरिक विभाजन फैलाने की कोशिश कर रहा है। इस बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ...

International Desk:  मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों देश इस्लामी गणराज्य ईरान को अस्थिर करने और उसे “घुटनों पर लाने” की साजिश रच रहे हैं। राज्य टेलीविजन पर प्रसारित अपने लिखित संदेश में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि युद्ध, आर्थिक प्रतिबंधों और राजनीतिक-प्रचारात्मक दबाव के बावजूद विरोधी ताकतें ईरान को कमजोर नहीं कर पाईं। अब वे देश के भीतर फूट और अस्थिरता पैदा कर अपनी सैन्य असफलताओं की भरपाई करना चाहती हैं। यह संदेश ईरान की संसद ‘मजलिस’ की स्थापना की वर्षगांठ के मौके पर जारी किया गया।

 

मार्च में सर्वोच्च नेता का पद संभालने के बाद 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई का यह पहला बड़ा सार्वजनिक बयान माना जा रहा है। उन्होंने ईरानी जनता से अपील करते हुए कहा कि देश को बाहरी दबावों का मुकाबला करने के लिए एकजुट और संगठित रहना होगा। मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता Ali Khamenei की जगह ली है। अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमलों में मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया और क्षेत्र युद्ध जैसी स्थिति में पहुंच गया। इस बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर से दागे गए चार ड्रोन मार गिराए। साथ ही उस सैन्य ठिकाने पर भी हमला किया गया जहां से पांचवां ड्रोन लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी।

 

अमेरिका का दावा है कि ये ड्रोन Strait of Hormuz में अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए बड़ा खतरा बन रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को कहा कि ईरान “अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है। कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम समझौते के काफी करीब हैं, लेकिन अभी काम बाकी है।” उन्होंने साफ किया कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के दबाव में वह जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेंगे। तनाव सोमवार को और बढ़ गया था जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाओं को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे “बुरी नीयत और अविश्वसनीयता” का प्रमाण बताया। वहीं अमेरिका का कहना है कि वह पिछले तीन महीनों से जारी संघर्ष में “संयमित लेकिन जरूरी कदम” उठा रहा है।
 

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