Edited By Tanuja,Updated: 23 May, 2026 02:57 PM

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों पर गंभीर विचार शुरू कर दिया है, अगर अंतिम समय की शांति वार्ता विफल रहती है। वहीं पाकिस्तान सेना प्रमुख Asim Munir तेहरान पहुंचे हैं। कतर भी मध्यस्थता में जुटा है, लेकिन बातचीत अभी बेहद मुश्किल बनी हुई है।
Washington: ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर अगर अंतिम समय की बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती है तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू करने पर ''गंभीरता से विचार कर सकते हैं''। अमेरिकी मीडिया संस्थान 'एक्सियोस' ने शुक्रवार को खबर में यह जानकारी दी। खबर में कहा गया कि ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस बीच, पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे और कतर के एक प्रतिनिधिमंडल ने अंतिम समय में समझौता कराने के प्रयास में उनका साथ दिया। 'एक्सियोस' को दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार सुबह ईरान के साथ युद्ध के संबंध में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई।
राष्ट्रपति से सीधे बात करने वाले सूत्रों के अनुसार, ट्रंप वार्ता में अंतिम समय में कोई सफलता न मिलने की स्थिति में ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। शनिवार को मुनीर की मुलाकात ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' के कमांडर और ईरानी निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जनरल अहमद वाहिदी से होने की उम्मीद है। 'एक्सियोस' की खबर में कहा गया कि राजनयिक प्रयासों से अवगत एक अमेरिकी अधिकारी ने वार्ता को बेहद ''चुनौतीपूर्ण'' बताया और यह भी कहा कि मसौदा ''हर दिन इधर-उधर भेजा जा रहा है'' लेकिन कोई खास प्रगति नहीं हो रही है।
शुक्रवार सुबह 'व्हाइट हाउस' (अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में ट्रंप के साथ हुई बैठक में उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) के निदेशक जॉन रैटक्लिफ, व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। ट्रंप ने शुक्रवार को 'व्हाइट हाउस' में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ''ईरान समझौता करना चाहता है। देखते हैं क्या होता है। लेकिन हमने उन्हें कड़ा झटका दिया है और हमारे पास कोई विकल्प नहीं था क्योंकि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। वे इसे नहीं रख सकते।'' अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्वीडन में पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ वार्ता में ''मामूली प्रगति'' हुई है।