Edited By Pardeep,Updated: 11 Mar, 2026 12:23 AM

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमलों का सिलसिला जारी है। United Arab Emirates की सरकारी तेल कंपनी अबू धाबी राष्ट्रीय तेल कंपनी ने ड्रोन हमले के बाद अपनी प्रमुख रुवैस (Ruwais) रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सूत्रों के...
इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमलों का सिलसिला जारी है। United Arab Emirates की सरकारी तेल कंपनी अबू धाबी राष्ट्रीय तेल कंपनी ने ड्रोन हमले के बाद अपनी प्रमुख रुवैस (Ruwais) रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक रिफाइनरी परिसर के एक हिस्से में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई थी, जिसके बाद एहतियात के तौर पर इस बड़े तेल संयंत्र का संचालन रोक दिया गया। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है।
रोजाना 9.22 लाख बैरल तेल रिफाइन करने की क्षमता
रुवैस औद्योगिक परिसर अबू धाबी की ऊर्जा व्यवस्था का बड़ा केंद्र है। यहां स्थित सुविधाएं मिलकर रोजाना करीब 9.22 लाख बैरल कच्चे तेल को रिफाइन कर सकती हैं। यह परिसर रसायन, उर्वरक और औद्योगिक गैस संयंत्रों का भी बड़ा हब है और अबू धाबी के डाउनस्ट्रीम तेल कारोबार का मुख्य आधार माना जाता है।
ड्रोन हमले के बाद लगी आग, जांच जारी
अबू धाबी सरकार के मीडिया कार्यालय ने पुष्टि की कि ड्रोन हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में आग लगने की घटना हुई। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि परिसर के किस विशेष हिस्से को निशाना बनाया गया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं और आग पर काबू पा लिया गया है।
ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमले के बाद बढ़े हमले
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में अपने पड़ोसी देशों के कई ठिकानों पर हमले किए हैं। इसके कारण मिडिल ईस्ट के कई देशों को तेल उत्पादन कम करना पड़ा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में ठप पड़ा तेल परिवहन
युद्ध का असर Strait of Hormuz पर भी पड़ा है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। लेकिन युद्ध के कारण यहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अनिश्चितता पैदा हो गई है।
रुवैस रिफाइनरी के कई यूनिट बंद
ऊर्जा क्षेत्र की निगरानी करने वाली संस्था IIR Energy के अनुसार ड्रोन हमले के बाद ADNOC को रुवैस रिफाइनरी-2 (पश्चिम) की 4.17 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट बंद करनी पड़ी। कंपनी अब पूरे प्लांट में सुरक्षा जांच के लिए संपूर्ण सुरक्षा शटडाउन की तैयारी कर रही है। इसके अलावा क्षेत्रीय संघर्ष के कारण 6 मार्च को ही रुवैस रिफाइनरी-1 (पूर्व) के कई यूनिटों का उत्पादन 10 से 20 प्रतिशत तक कम कर दिया गया था।
सऊदी अरब में भी रिफाइनरी पर हमला
पड़ोसी सऊदी अरब में भी हाल ही में एक रिफाइनरी को निशाना बनाया गया था। देश की सबसे बड़ी घरेलू रिफाइनरी Ras Tanura Refinery में हमले के बाद आग लग गई थी, जिसे जल्द ही बुझा लिया गया। तेल कंपनी Saudi Aramco के सीईओ Amin Nasser ने बताया कि रिफाइनरी को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा तो इसके “भयानक और विनाशकारी परिणाम” हो सकते हैं।
खाड़ी देशों में ऊर्जा उत्पादन पर असर
मिडिल ईस्ट के कई देशों में तेल और गैस उत्पादन प्रभावित हो रहा है। Bapco Energies ने अपनी रिफाइनरी पर हमले के बाद फोर्स मेज्योर घोषित कर दिया। Kuwait Petroleum Corporation ने तेल उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है। वहीं Qatar ने अपने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के उत्पादन को बंद कर दिया है, जो वैश्विक LNG निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में संघर्ष लंबा चला तो इसका असर वैश्विक तेल और गैस बाजार के साथ-साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा पड़ सकता है।