Edited By Tanuja,Updated: 21 Jun, 2026 02:47 PM

पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता शुरू होने जा रही है। पाकिस्तान इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका...
International Desk: पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी (Mohsin Naqvi) ने तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच "इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (Islamabad MoU)" के क्रियान्वयन पर महत्वपूर्ण वार्ता चल रही है। रिपोर्टों के अनुसार, नकवी 20 जून को तेहरान पहुंचे थे। उनका उद्देश्य ईरानी नेतृत्व के साथ अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति और आगे की रणनीति पर चर्चा करना था।
क्या है Islamabad MoU?
हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे "Islamabad MoU" कहा जा रहा है। इस समझौते का उद्देश्य युद्धविराम को मजबूत करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना और परमाणु मुद्दे पर आगे की वार्ता का रास्ता तैयार करना है।
पाकिस्तान क्यों है केंद्र में?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ (Shehbaz Sharif) लगातार दावा करते रहे हैं कि इस्लामाबाद ने अमेरिका और ईरान के बीच संवाद बहाल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अप्रैल से लेकर अब तक पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच संपर्क बनाए हुए है और खुद को शांति प्रक्रिया का प्रमुख मध्यस्थ बता रहा है।
स्विट्जरलैंड में क्या होगा?
स्विट्जरलैंड में अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हो रही है। चर्चा का मुख्य फोकस ईरान का परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और लेबनान में युद्धविराम को बनाए रखना है। विश्लेषकों का मानना है कि तेहरान में नाकवी की मुलाकात और स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ता एक-दूसरे से जुड़ी हुई कूटनीतिक गतिविधियां हैं। यदि बातचीत सफल रहती है तो मध्य पूर्व में तनाव कम होने और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों की स्थिरता बढ़ने की संभावना है।