Edited By Parveen Kumar,Updated: 22 Jun, 2026 06:03 AM

सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि पाकिस्तान की जल सुरक्षा को खतरा हुआ तो इस्लामाबाद भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं...
नेशनल डेस्क : सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि पाकिस्तान की जल सुरक्षा को खतरा हुआ तो इस्लामाबाद भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है।
'पानी राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बना तो युद्ध होगा'
पाकिस्तानी टीवी चैनल ARY न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने कहा, "जिस पल हमें लगेगा कि पानी हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और उसे खतरा है, हम भारत के खिलाफ जंग छेड़ देंगे।" उनकी यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब भारत में जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के एक बयान की चर्चा हो रही है। एक वीडियो क्लिप में पाटिल ने दावा किया था कि जून 2028 तक पाकिस्तान की ओर जाने वाले सिंधु नदी के पानी को पूरी तरह रोका जा सकता है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा था विवाद
सिंधु जल संधि को लेकर विवाद जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद और गहरा गया था। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। भारत ने हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराते हुए 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। नई दिल्ली ने स्पष्ट किया था कि यह फैसला तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन और वित्तीय मदद देना बंद नहीं करता।
भारत पर लगाए गंभीर आरोप
ख्वाजा आसिफ ने भारत पर पानी को "हथियार" के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भारत चिनाब नदी के जल प्रवाह में हेरफेर कर रहा है और जरूरी हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा नहीं कर रहा। उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में पाकिस्तान ने संधि के तहत भारतीय परियोजनाओं का निरीक्षण किया था और पाकिस्तानी टीमों ने करीब 115 बार फिजिकल इंस्पेक्शन किए थे। हालांकि उन्होंने माना कि हालिया घटनाक्रम को लेकर उनके पास पूरी जानकारी नहीं है।
पाकिस्तान में गहराया जल संकट
आसिफ का बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के कई हिस्सों में पानी की भारी कमी देखी जा रही है। खासकर सिंध और बलूचिस्तान प्रांत जल संकट से बुरी तरह प्रभावित हैं। सिंध सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, नॉर्थ-वेस्ट कैनाल में 64.1 प्रतिशत पानी की कमी दर्ज की गई है। वहीं राइस कैनाल में 38 प्रतिशत और दादू कैनाल में 82 प्रतिशत तक जल प्रवाह घटने की बात कही गई है।
राज्यों के बीच भी बढ़ रहा विवाद
सिंध के अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि अपस्ट्रीम पंजाब ने निर्धारित आवंटन से अधिक पानी लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, 44,000 क्यूसेक की मंजूरी के मुकाबले 53,394 क्यूसेक पानी निकाला गया, जो निर्धारित सीमा से 21 प्रतिशत अधिक है।
पानी की कमी बढ़ने के साथ पाकिस्तान के भीतर भी तनाव बढ़ता जा रहा है। स्थानीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आर्थिक संकट और गंभीर रूप ले सकता है। वहीं विभिन्न प्रांतों के बीच जल बंटवारे को लेकर विवाद भी तेज होता दिखाई दे रहा है।