US Debt Crisis: अमेरिका पर कर्ज का नया रिकॉर्ड, पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार, हर आदमी पर कितना है बोझ?

Edited By Updated: 20 Aug, 2026 10:45 PM

us debt hits new record surpassing 40 trillion for the first time

अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज मंगलवार को पहली बार 40 लाख करोड़ डॉलर के पार पहुंच गया। यह स्तर पूर्वानुमानों से काफी पहले आया है और बढ़ते सरकारी खर्च, बजट घाटे तथा कर्ज पर बढ़ते ब्याज के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ते वित्तीय दबाव को दर्शाता है। अ

वाशिंगटनः अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज मंगलवार को पहली बार 40 लाख करोड़ डॉलर के पार पहुंच गया। यह स्तर पूर्वानुमानों से काफी पहले आया है और बढ़ते सरकारी खर्च, बजट घाटे तथा कर्ज पर बढ़ते ब्याज के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ते वित्तीय दबाव को दर्शाता है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, संघीय कर्ज मंगलवार को 40 लाख करोड़ डॉलर के आंकड़े को पार कर गया। अमेरिकी कांग्रेस के बजट कार्यालय (सीबीओ) ने मई 2023 में अनुमान लगाया था कि यह स्तर वित्त वर्ष 2028 से पहले पार नहीं होगा। अमेरिका का कर्ज महज पांच महीने में एक लाख करोड़ डॉलर बढ़ा है। सरकार का खर्च लगातार उसके राजस्व से अधिक बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि इसके नतीजे आने वाले दिनों में आम लोगों, कंपनियों और सरकार को भुगतने होंगे। देश में हर व्यक्ति पर 119,699 डॉलर का कर्ज है।

सीएनएन के अनुसार, 30 सितंबर को समाप्त होने वाले मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में अमेरिका का बजट घाटा 1.8 लाख करोड़ डॉलर रहा। पीटर जी. पीटरसन फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल पीटरसन ने चेतावनी दी कि अगले छह वर्षों में अमेरिकी कर्ज बढ़कर 50 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, 'हम वास्तव में अपनी अर्थव्यवस्था और देश के भविष्य को खतरे में डाल रहे हैं।' विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में बढ़ते कर्ज के पीछे कई दीर्घकालिक कारण हैं। इनमें बुजुर्ग आबादी में वृद्धि के कारण सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर पर बढ़ता खर्च प्रमुख है। करीब 10,000 बेबी बूमर (1946-64 के बीच जन्मे लोग) रोजाना सेवानिवृत्त हो रहे हैं और लाभार्थियों की औसत आयु भी बढ़ रही है।

करों में कटौती और सरकारी खर्च में वृद्धि ने भी कर्ज बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें 2017 का टैक्स कट्स एंड जॉब्स एक्ट, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 2025 का‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट'(ओबीबीए) और ट्रंप तथा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में कोविड-19 राहत पैकेज शामिल हैं। इन उपायों से आने वाले वर्षों में संघीय कर्ज में खरबों डॉलर की वृद्धि होने का अनुमान है। बढ़ती ब्याज दरों ने भी समस्या को और गंभीर किया है। महामारी के दौरान महंगाई पर काबू पाने के लिए फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाये जाने के बाद सरकार के लिए कर्ज चुकाने की लागत तेजी से बढ़ी है। इस वित्त वर्ष में ब्याज भुगतान एक लाख करोड़ डॉलर से अधिक रहने का अनुमान है, जो रिकॉडर् स्तर होगा।

कमेटी फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फेडरल बजट के वरिष्ठ नीति निदेशक मार्क गोल्डविन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में ब्याज लागत तीन गुना से अधिक बढ़ चुकी है और अब यह मेडिकेयर पर होने वाले खर्च के करीब पहुंच गयी है। सरकार अब राष्ट्रीय रक्षा की तुलना में पुराने कर्ज की सर्विसिंग पर अधिक खर्च कर रही है और बच्चों से जुड़ी योजनाओं पर होने वाले खर्च से करीब 50 प्रतिशत अधिक राशि ब्याज भुगतान में जा रही है। गोल्डविन ने कहा, ' हमारा कर्ज और अधिक कर्ज पैदा कर रहा है। यह एक दुष्चक्र बन गया है।' बढ़ते कर्ज का असर वित्तीय बाजारों पर भी पड़ रहा है। 30 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के रिटर्न मंगलवार को 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गये, जबकि 10 वर्षीय बॉन्ड के रिटर्न ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के उच्चतम स्तर के करीब बने रहे।

अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के रिटर्न बढ़ने से पूरी अर्थव्यवस्था में कर्ज महंगा होता है, क्योंकि इसका असर होम लोन, कार लोन और कारोबारी वित्तपोषण की दरों पर पड़ता है। महंगी उधारी से घरेलू खर्च और कारोबारी निवेश प्रभावित हो सकते हैं, जबकि सरकार की कर्ज चुकाने की लागत भी बढ़ती है।निवेशकों के बीच महंगाई, बढ़ते बजट घाटे, सरकारी बॉन्ड की बढ़ती आपूर्ति और फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता के कारण अमेरिकी सरकारी कर्ज को लेकर चिंता बढ़ी है।

कमेटी फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फेडरल बजट की अध्यक्ष माया मैकगिनीस ने कहा कि 40 लाख करोड़ डॉलर का कर्ज अंतत: पूरी अर्थव्यवस्था और आम परिवारों पर असर डालेगा। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने आने वाले महीनों में लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की बायबैक बढ़ाने की योजना की घोषणा की है। विश्लेषकों के अनुसार, यह ऊंची बॉन्ड यील्ड और बढ़ती उधारी लागत को लेकर सरकार की चिंता को दर्शाता है। इस महीने की शुरुआत में 30 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की नीलामी में यील्ड 2001 के बाद के उच्चतम स्तर पर रही थी, जो निवेशकों की सतकर्ता का संकेत है। अमेरिकी कांग्रेस में सरकारी खर्च और राजस्व के बीच लंबे समय से बने संरचनात्मक असंतुलन को दूर करने को लेकर सीमित राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई दी है।

रिपब्लिकन सांसदों ने पिछले वर्ष‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट'के जरिए कर्ज सीमा में पांच लाख करोड़ डॉलर की वृद्धि की थी। ऐसे में अगली बार कर्ज सीमा का बड़ा मुद्दा 2027 तक सामने आने की संभावना कम है। अमेरिका की साख को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं। मूडीज ने 2025 में अमेरिकी संप्रभु ऋण की रेटिंग घटाकर देश की आखिरी शीर्ष स्तर की क्रेडिट रेटिंग भी हटा दी थी। अमेरिकी सरकारी कर्ज की रेटिंग अब भी ऊंची बनी हुई है और यह फ्रांस तथा जापान जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर स्थिति में है। वित्तीय दबाव केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान में भी सरकारी बॉन्ड के रिटर्न कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर या उसके करीब पहुंच गयी है, क्योंकि निवेशक बढ़ते सरकारी खर्च, बजट घाटे और उधारी की जरूरतों का आकलन कर रहे हैं। 

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