Edited By Tanuja,Updated: 25 Jul, 2026 05:35 PM

अमेरिका में खसरे के बढ़ते मामलों के बीच अब साइक्लोस्पोरा परजीवी से फैलने वाले डायरिया ने चिंता बढ़ा दी है। CDC ने दूषित आइसबर्ग लेट्यूस को संभावित कारण बताया है। डॉक्टर साफ भोजन, पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाने और बेसिल जैसी जड़ी-बूटियों को...
International Desk: अमेरिका इस समय दो बड़े स्वास्थ्य संकटों का सामना कर रहा है। एक ओर देश में पिछले 35 वर्षों का सबसे बड़ा खसरा (Measles) प्रकोप दर्ज किया गया है, वहीं दूसरी ओर साइक्लोस्पोरा (Cyclospora) नामक परजीवी से फैलने वाले डायरिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, देश के नौ राज्यों में इस संक्रमण के हजारों मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में मिशिगन शामिल है।
क्या है साइक्लोस्पोरा संक्रमण?
साइक्लोस्पोरा एक सूक्ष्म परजीवी है, जो दूषित भोजन या पानी के जरिए इंसानों में फैलता है। इससे होने वाली बीमारी को साइक्लोस्पोरियासिस (Cyclosporiasis) कहा जाता है। संक्रमित भोजन खाने के बाद इसके लक्षण दो सप्ताह तक बाद भी दिखाई दे सकते हैं। CDC की जांच में आइसबर्ग लेट्यूस को संक्रमण का प्रमुख स्रोत माना गया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि मध्य मेक्सिको से आयातित लेट्यूस की कुछ खेपें संक्रमण का कारण हो सकती हैं। इसी वजह से संबंधित उत्पादों को बाजार से वापस मंगाया गया है और मामले की जांच जारी है।
साइक्लोस्पोरा के लक्षण
CDC के अनुसार साइक्लोस्पोरा संक्रमण के प्रमुख लक्षण हैं जो कई मरीजों में कई सप्ताह तक बने रह सकते हैं।
- बार-बार पानी जैसे दस्त
- पेट में ऐंठन और दर्द
- गैस बनना
- भूख कम लगना
- वजन घटना
- मतली
- लगातार कमजोरी और थकान
डॉक्टरों ने क्या सलाह दी?
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, येल स्कूल ऑफ मेडिसिन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेट वुड ने लोगों को फिलहाल आइसबर्ग लेट्यूस खाने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि अन्य पत्तेदार सब्जियां खाई जाएं तो उनकी बाहरी पत्तियां हटाकर उन्हें अच्छी तरह धोना चाहिए। डॉ. वुड ने भारत के देसी नुस्खे की तरह ही लोगों को बेरी, धनिया और बेसिल (Sweet Basil) जैसी जड़ी-बूटियों को भोजन में शामिल करने की सलाह दी। भारत में पूजनीय तुलसी (Holy Basil) और पश्चिमी देशों में इस्तेमाल होने वाली स्वीट बेसिल एक ही पौधों के परिवार से हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग प्रजातियां हैं।
खसरे ने भी बढ़ाई चिंता
इसी बीच CDC ने बताया है कि अमेरिका में इस वर्ष 1991 के बाद सबसे अधिक खसरे के मामले दर्ज किए गए हैं। अधिकांश संक्रमित ऐसे बच्चे हैं, जिन्हें खसरे का टीका नहीं लगा था। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों से समय पर टीकाकरण कराने और खाद्य स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील कर रहे हैं।