Edited By Tanuja,Updated: 06 Aug, 2026 02:35 PM

क्यूबा ने अमेरिकी प्रतिबंधों और ईंधन संकट को स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया है। बिजली कटौती और दवाओं की कमी से अस्पताल प्रभावित हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एक लाख से ज्यादा लोग सर्जरी के इंतजार में हैं। 300 जरूरी दवाओं की आपूर्ति पर...
Havana: क्यूबा ने अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक प्रतिबंधों और हालिया ईंधन संकट को अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया है। क्यूबा के उप स्वास्थ्य मंत्री जूलियो गुएरा के अनुसार, बिजली की लगातार कटौती और जरूरी संसाधनों की कमी का सीधा असर अस्पतालों, दवाओं और मरीजों की जिंदगी पर पड़ रहा है। हवाना के हरमनोस अमेइहेइरास क्लिनिकल सर्जिकल अस्पताल में दवाओं के एक दान कार्यक्रम के दौरान गुएरा ने कहा कि जब बिजली की स्थिर आपूर्ति नहीं होती, तो दवाओं को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। उनके मुताबिक, बिजली कटौती और संसाधनों पर लगी पाबंदियां मरीजों के लिए जोखिम बढ़ा रही हैं।
क्यूबा के अधिकारियों ने अमेरिका के प्रतिबंधों को स्वास्थ्य संकट की प्रमुख वजहों में शामिल किया है। उप स्वास्थ्य मंत्री गुएरा ने अमेरिकी प्रतिबंधों को बेहद कठोर बताते हुए कहा कि इनकी वजह से क्यूबा को स्वास्थ्य व्यवस्था चलाने के लिए जरूरी संसाधन हासिल करने में मुश्किल हो रही है। क्यूबा के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2024 से फरवरी 2025 के बीच देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को करीब 28.8 करोड़ डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ। क्यूबा का दावा है कि छह दशक से अधिक समय से जारी अमेरिकी प्रतिबंधों से अब तक कुल नुकसान करीब 4.2 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।
1 लाख से ज्यादा लोग सर्जरी के इंतजार में
अस्पताल के उप निदेशक रेनाल्डो डेनिस डी आर्मास ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों ने क्यूबा की अर्थव्यवस्था को लंबे समय से प्रभावित किया है, लेकिन हालिया ईंधन संकट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ईंधन की कमी का असर बिजली उत्पादन और परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। बिजली कटौती के कारण अस्पतालों में दवाओं और अन्य चिकित्सा सामग्री को सुरक्षित रखने के साथ-साथ चिकित्सा सेवाओं को लगातार जारी रखना भी चुनौती बन गया है। क्यूबा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में 1 लाख से ज्यादा लोग सर्जरी का इंतजार कर रहे हैं। आपूर्ति की कमी और ऊर्जा संकट के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।इन मरीजों में 5,000 से ज्यादा कैंसर मरीज और करीब 12,000 बच्चे शामिल बताए गए हैं। अस्पतालों में जरूरी उपकरणों, दवाओं और अन्य चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता को लेकर भी दबाव बना हुआ है।
300 जरूरी दवाओं की सप्लाई पर संकट
क्यूबा के जैव प्रौद्योगिकी समूह BioCubaFarma ने चेतावनी दी है कि वह करीब 300 जरूरी दवाओं की नियमित आपूर्ति की गारंटी नहीं दे सकता। संगठन के अनुसार, कच्चे माल और अन्य जरूरी इनपुट हासिल करने में आ रही मुश्किलों के कारण दवा उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हो रही है। क्यूबा का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की पूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर डाल रही है। क्यूबा सरकार के अनुसार, बिगड़ती आर्थिक परिस्थितियों का असर स्वास्थ्य संकेतकों पर भी दिखाई देने लगा है। सरकार ने दावा किया है कि बच्चों में कैंसर से जीवित बचने की दर में गिरावट आई है। वहीं, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में क्यूबा की शिशु मृत्यु दर बढ़कर 9.9 प्रति 1,000 जीवित जन्म हो गई। क्यूबा ने इसे अपनी खराब होती आर्थिक और स्वास्थ्य परिस्थितियों से जोड़कर देखा है।
अस्पतालों के लिए दवाओं का दान महत्वपूर्ण
हवाना का हरमनोस अमेइहेइरास अस्पताल पूरे क्यूबा से आने वाले मरीजों का इलाज करने वाला प्रमुख रेफरल सेंटर है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में दवाओं का दान मरीजों और चिकित्सा कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। क्यूबा के अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एजेंसियों ने भी अमेरिकी प्रतिबंधों के देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, अमेरिकी सरकार की ओर से इन आरोपों पर इस खबर में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।क्यूबा में आर्थिक और ऊर्जा संकट के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता दबाव अब एक गंभीर मानवीय चिंता बनता जा रहा है। बिजली, ईंधन, दवाओं और चिकित्सा सामग्री की कमी के कारण अस्पतालों के सामने मरीजों का इलाज जारी रखने की चुनौती लगातार बढ़ रही है।