Edited By Rahul Rana,Updated: 06 Mar, 2026 11:06 PM

श्री आनंदपुर साहिब में हाल ही में सिख परंपरा और पहचान को समर्पित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में संगत, नौजवानों और सिख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सिख समुदाय की पहचान मानी जाने...
(वेब डेस्क): श्री आनंदपुर साहिब में हाल ही में सिख परंपरा और पहचान को समर्पित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में संगत, नौजवानों और सिख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सिख समुदाय की पहचान मानी जाने वाली दस्तार (पगड़ी) की परंपरा को मजबूत करना और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ना था।
इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका रविंदर सिंह खेड़ा ने निभाई। उनके नेतृत्व में दस्तार सजाना अभियान के तहत युवाओं को दस्तार बांधने की विधि, उसके महत्व और सिख धर्म में उसकी गरिमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दस्तार केवल एक वस्त्र नहीं बल्कि सिखों की शान, सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में अपनी संस्कृति और पहचान के प्रति गर्व की भावना को मजबूत करना है।
इस अवसर पर बोलते हुए रविंदर सिंह खेड़ा ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास, गुरुओं की शिक्षाओं और परंपराओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी की है, और ऐसे कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित संगत ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में जागरूकता और एकता को बढ़ावा देते हैं। सभी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि सिख विरासत और परंपराओं को मजबूती मिलती रहे।