Edited By Tanuja,Updated: 08 Jun, 2026 07:05 PM

बांग्लादेश की विभिन्न जेलों में 148 भारतीय नागरिक अपनी सजा पूरी करने के बावजूद अब भी बंद हैं। अधिकारियों के अनुसार, पहचान सत्यापन, नौकरशाही बाधाओं और राजनयिक स्तर पर देरी के कारण उनकी भारत वापसी नहीं हो पा रही है। कुछ कैदी वर्षों पहले ही अपनी सजा...
International Desk: लगभग 150 भारतीय अपनी जेल की सजा पूरी करने के बावजूद अब भी बांग्लादेश की जेलों में बंद हैं, क्योंकि प्रक्रिया से संबंधित देरी के कारण उनकी स्वदेश वापसी नहीं हो पा रही है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक जेल अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि छह महीने पहले प्रकाशित जेल आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश की जेलों में 152 विदेशी कैदी बंद हैं, जिनमें 148 भारतीय शामिल हैं। ये सभी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, फिर भी जेल में हैं।
अधिकारी ने कहा कि इनमें से कई विदेशी कैदियों ने वर्षों पहले अपनी सजा पूरी कर ली थी, लेकिन पहचान सत्यापन की प्रक्रिया, नौकरशाही से जुड़ीं अड़चनों और राजनयिक स्तर पर निष्क्रियता के कारण इनकी रिहाई और वापसी में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में इन भारतीय को अवैध रूप से सीमा पार करने जैसे आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। समाचार पोर्टल बीडीन्यूज24 ने सोमवार को खबर दी कि दक्षिण-पश्चिमी शरियतपुर जिला जेल में ही 17 भारतीय कैदी अपनी सजा पूरी करने के बावजूद अब भी बंद हैं।
जेल अधिकारियों के अनुसार, उनकी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कैदियों की पहचान का सत्यापन नहीं हो पाया है और भारतीय दूतावास से कई बार संपर्क करने के प्रयासों का भी कोई जवाब नहीं मिला। जेलर पापिया सुल्ताना ने बताया कि 2022 और 2023 में पद्मा ब्रिज के पास अलग-अलग समय पर 20 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में अदालत के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया।