Edited By Anu Malhotra,Updated: 30 Mar, 2026 08:01 AM

Indian Railway News: अगर आप आने वाले दिनों में कानपुर और लखनऊ के बीच रेल यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। गंगा नदी पर बने रेल पुल की सेहत सुधारने के लिए रेलवे एक बड़ा ऑपरेशन शुरू करने जा रहा है, जिसकी वजह से अगले डेढ़ महीने तक इस रूट...
Indian Railway News: अगर आप आने वाले दिनों में कानपुर और लखनऊ के बीच रेल यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। गंगा नदी पर बने रेल पुल की सेहत सुधारने के लिए रेलवे एक बड़ा ऑपरेशन शुरू करने जा रहा है, जिसकी वजह से अगले डेढ़ महीने तक इस रूट पर रेल यातायात काफी प्रभावित रहेगा।
ट्रैक पर 'महाब्लॉक': वंदे भारत और शताब्दी के पहियों की बदलेगी दिशा
कानपुर और उन्नाव की सीमा पर स्थित गंगा पुल की डाउन लाइन अब मरम्मत के दौर से गुजरेगी। रेलवे ने फैसला लिया है कि 2 अप्रैल से 13 मई तक यहां भारी-भरकम 'मेगा ब्लॉक' लिया जाएगा। इस 42 दिनों के अभियान के दौरान रोजाना सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक पटरियों पर सन्नाटा रहेगा।
इसका सबसे बड़ा असर यात्रियों की जेब और समय पर पड़ेगा। रेलवे ने कुल 17 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जिनमें कानपुर-लखनऊ मेमू और झांसी-लखनऊ इंटरसिटी जैसी रोजमर्रा की लाइफलाइन शामिल हैं। वहीं, हाई-प्रोफाइल स्वर्ण शताब्दी और अयोध्या वंदे भारत जैसी 29 महत्वपूर्ण ट्रेनों को उनके तय रास्ते के बजाय दूसरे रूट से चलाया जाएगा।
क्यों जरूरी है यह मरम्मत?
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पुल की मजबूती के लिए यह काम अब और टालना मुमकिन नहीं था। पुराने हो चुके स्लीपरों को उखाड़कर उनकी जगह आधुनिक स्टील एच-बीम लगाए जाएंगे। साथ ही लोहे की पुरानी चादरें और पटरियां भी बदली जाएंगी। मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा ने खुद मौके पर जाकर काम का खाका खींचा है। अच्छी बात यह है कि इस मरम्मत के बाद न सिर्फ पुल सुरक्षित होगा, बल्कि ट्रेनों की रफ्तार में भी इजाफा होगा।
यात्रियों के लिए क्या हैं विकल्प?
रेलवे ने उन लोगों को पहले ही आगाह कर दिया है जिन्होंने एडवांस बुकिंग कर ली थी। यात्री या तो अपना पूरा पैसा वापस (रिफंड) ले सकते हैं या फिर अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं। कई ट्रेनें ऐसी भी हैं जो अपने गंतव्य तक नहीं जाएंगी; जैसे पुणे और मुंबई से आने वाली कुछ ट्रेनें लखनऊ न जाकर बीच के स्टेशनों पर ही अपनी यात्रा खत्म कर देंगी। हालांकि, अप लाइन पर धीमी गति से कुछ ट्रेनों का आवागमन जारी रखा जाएगा ताकि पूरी तरह संपर्क न टूटे।