PM मोदी की यूरोप कूटनीति सफल: भारत-नीदरलैंड के बीच 17 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर, अरबों डॉलर का होगा फायदा(Video)

Edited By Updated: 17 May, 2026 02:52 PM

india netherlands seal historic 17 pact strategic partnership on chips defence

भारत और नीदरलैंड ने वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल के बीच अपने संबंधों को “रणनीतिगत साझेदारी” तक पहुंचाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रॉब जेटन के बीच हुई वार्ता में रक्षा, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, व्यापार और आतंकवाद विरोधी सहयोग सहित 17 बड़े समझौतों...

International Desk:  वैश्विक भू-राजनीति में बदलावों के बीच भारत और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीदरलैंड के उनके समकक्ष रॉब जेटेन के बीच हुई वार्ता के दौरान रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। शनिवार शाम को हुई बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने पश्चिम एशिया की स्थिति, विशेष रूप से क्षेत्र और व्यापक विश्व पर इसके गंभीर प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी क्योंकि इसके कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क में व्यवधान उत्पन्न हो रहे हैं।

 

INDIA and NETHERLANDS sign deal to POWER first ADVANCED semiconductor fab pic.twitter.com/hPBekRWfX0

— RT (@RT_com) May 16, 2026

होर्मुज संकट और वैश्विक तनाव पर साझा चिंता
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष, खासकर Strait of Hormuz में तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके प्रभाव को लेकर गहरी चिंता जताई। दोनों देशों ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अंतरराष्ट्रीय जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित रहनी चाहिए और किसी भी प्रकार के “प्रतिबंधात्मक कदम” का विरोध किया जाना चाहिए।एक संयुक्त बयान के अनुसार, मोदी और जेटेन ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर स्वतंत्र नौवहन और वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन का आह्वान किया। उन्होंने किसी भी तरह के ''प्रतिबंधात्मक'' कदमों का विरोध किया और इस संबंध में जारी पहलों के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया।

 

यूक्रेन युद्ध पर भारत-नीदरलैंड का साझा रुख
India और Netherlands ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा की और संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर संवाद और कूटनीति के जरिए स्थायी और न्यायपूर्ण शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों पर आधारित संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से यूक्रेन में व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति प्राप्त करने के प्रयासों का समर्थन जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

 

🇮🇳🇳🇱
PM Modi to Dutch CEOs:
"Your companies are not just popular brands in India, but true ambassadors of India-Netherlands friendship. We are delighted that firms like NXP, Philips, and Prosus are developing world-class solutions with Indian talent. Companies such

1/2 pic.twitter.com/SxCMKXcLax

— Terror Alerts (@Terroralerts007) May 16, 2026

रक्षा और तकनीक में बड़ा सहयोग
दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक ढांचा विकसित करने, रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण, तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उद्यमों पर काम करने की सहमति जताई।इसके अलावा डच सेमीकंडक्टर कॉम्पिटेंस सेंटर को भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन से जोड़ने की पहल का भी स्वागत किया गया। इससे भारत के चिप निर्माण और हाई-टेक सेक्टर को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

व्यापार और निवेश में तेजी
Netherlands यूरोप में भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। दोनों देशों के बीच व्यापार 2024-25 में 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं नीदरलैंड 55.6 अरब डॉलर निवेश के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है।रॉटरडैम बंदरगाह को भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप का बड़ा प्रवेश द्वार माना जाता है।

 

PM Modi’s Netherlands visit is not just diplomacy, it is also India’s semiconductor moment.

Speaking in The Hague, PM Modi said 12 semiconductor plants are now underway in India, with production already started at 2 facilities. And Gujarat has a role to play in it.

His message… pic.twitter.com/sN9bQfnCGp

— DeepDownAnalysis (@deepdownanlyz) May 16, 2026

आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ नीदरलैंड
नीदरलैंड ने अप्रैल 2025 के Pahalgam आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ भारत को “अटूट समर्थन” देने का ऐलान किया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने और दोहरे मापदंडों को खारिज करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और नवाचार, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक तथा विनिर्माण में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड की विशेषज्ञता और भारत की गति व कौशल मिलकर वैश्विक स्तर पर नई साझेदारी का मॉडल बना सकते हैं।

 

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