Edited By Parminder Kaur,Updated: 27 May, 2025 04:16 PM

जयपुर के सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित अचल ज्वेल्स नाम की ज्वेलरी फैक्ट्री में सोमवार रात को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले केमिकल कचरे से भरे एक सेप्टिक टैंक में सोने-चांदी के कुछ छोटे टुकड़े निकालने के लिए 8...
नेशनल डेस्क. जयपुर के सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित अचल ज्वेल्स नाम की ज्वेलरी फैक्ट्री में सोमवार रात को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले केमिकल कचरे से भरे एक सेप्टिक टैंक में सोने-चांदी के कुछ छोटे टुकड़े निकालने के लिए 8 मजदूरों को उतारा गया। यह टैंक बेहद खतरनाक था क्योंकि इसमें जहरीली गैस बन चुकी थी। मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के इस मौत के कुएं में उतारा गया। जैसे ही वे टैंक में उतरे, जहरीली गैस की वजह से उनका दम घुटने लगा। इस हादसे में 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और 2 मजदूरों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
फैक्ट्री मालिक फरार, पुलिस कर रही जांच
इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। हादसे के बाद से फैक्ट्री का मालिक मीडिया से बचता दिख रहा है। उसने अपने एक अकाउंट मैनेजर को मीडिया के सामने सफाई देने के लिए भेजा है। वहीं पुलिस और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
फैक्ट्री प्रबंधन पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज
फैक्ट्री के संचालक अरुण कुमार कोठारी और सीईओ विकास मेहता पर आरोप है कि उन्होंने मजदूरों की जान को खतरे में डालकर उनसे यह काम करवाया। इन टैंकों में केमिकल के जरिए ज्वेलरी से सोने-चांदी के छोटे कण निकाले जाते हैं, जिसके लिए खास मशीनें होती हैं। लेकिन मजदूरों की सुरक्षा को नजरअंदाज करते हुए उनसे यह खतरनाक काम करवाया गया। चौंकाने वाली बात यह भी है कि इस हादसे में 4 लोगों की मौत होने के बावजूद पुलिस घटनास्थल पर लगभग 12 घंटे बाद पहुंची। पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, घटना की पूरी जांच जारी है।