Edited By Radhika,Updated: 21 May, 2026 01:00 PM

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) इन दिन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। पहली नज़र में एक मज़ाक लगने वाला यह ट्रेंड अब देश के युवाओं की बेरोज़गारी, पेपर लीक और मानसिक तनाव जैसे गंभीर मुद्दों पर एक बड़ा राजनीतिक विमर्श बन चुका है।
Cockroach Janata Party: 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) इन दिन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। पहली नज़र में एक मज़ाक लगने वाला यह ट्रेंड अब देश के युवाओं की बेरोज़गारी, पेपर लीक और मानसिक तनाव जैसे गंभीर मुद्दों पर एक बड़ा राजनीतिक विमर्श बन चुका है। आइए जानते हैं कि इस नई पार्टी क्या है कोई राजनीतिक क्नेक्शन और क्या कुछ है इसके मैनिफैस्टो में ?
इस पूरे डिजिटल मूवमेंट के पीछे अभिजीत दीपके का नाम सामने आया है, जिन्हें सोशल मीडिया पर राजनीतिक संदेशों को वायरल करने का लंबा अनुभव है। राजनीतिक क्नेक्शन की बात करें तो इस पार्टी के मुख्या अभिजीत साल 2020 से 2022 के बीच आप पार्टी के सोशल मीडिया टीम के एक सक्रिय और प्रमुख वॉलेंटियर थे। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान 'आप' के पक्ष में वायरल हुए मीम्स के पीछे उन्हीं की रणनीति मानी जाती है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली के शिक्षा विभाग में कम्युनिकेशंस एडवाइजर के रूप में भी नौकरी की है।
कैसे हुआ 'कॉकरोच जनता पार्टी' का जन्म?
जानकारी के लिए बता दें कि 15 मई 2026 को फर्जी डिग्री से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कथित तौर पर कहा था कि कुछ बेरोज़गार लोग कॉकरोचों की तरह नकल करके लॉ, मीडिया और आरटीआई एक्टिविज्म जैसी व्यवस्था में घुस जाते हैं। अपने इस बयान को उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि यह टिप्पणी आम युवाओं के लिए नहीं, बल्कि केवल फर्जी डिग्री धारकों के लिए थी। लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर युवाओं का गुस्सा भड़क चुका था। इस पर 16 मई को एक्स (X) पर मज़ाकिया लहजे में लिखा— 'क्या हो अगर सारे कॉकरेट एक साथ आ जाएं?' इसके तुरंत बाद उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नाम से एक वेबसाइट और गूगल फॉर्म लाइव कर दिया।
CJP के मैनिफैस्टो की 5 बड़ी बातें

पार्टी की सदस्यता के लिए ये हैं अनूठी शर्तें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिजीत ने इस काल्पनिक पार्टी की सदस्यता के लिए जो शर्तें रखीं, उसने आज की युवा पीढ़ी ('जेन-जी') का ध्यान तेजी से खींचा। इस फॉर्म में पात्रता के रूप में लिखा गया था:
- बेरोज़गार और आलसी होना।
- 'क्रोनिकली ऑनलाइन' (24 घंटे इंटरनेट पर रहने वाले) होना।
- प्रोफेशनली अपना दुखड़ा रोने की क्षमता रखना।