फ्रांस प्रदर्शनों पर Shocking खुलासाः 54 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने मिलकर करवाए पेरिस दंगे, भारतीय मूल के विचारक का नाम भी चर्चा में

Edited By Updated: 20 Oct, 2026 06:23 PM

54 groups unleashed violence in france muslims pro

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में फ्रांस के प्रदर्शनों से जुड़े 54 संगठनों और उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का उल्लेख है। इसमें भारतीय मूल के विचारक विजय प्रसाद और ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ का नाम भी शामिल है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी इन संगठनों की ओर से हिंसा...

Paris: फ्रांस में हालिया प्रदर्शनों के दौरान कुछ स्थानों पर आगजनी, लूटपाट और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद सवाल उठने लगे कि फ्रांस में प्रदर्शनों के दौरान हुई आगजनी, लूटपाट और हिंसा के पीछे कौन था? इस सवाल पर नई बहस छिड़ गई है। क्या इन प्रदर्शनों के पीछे केवल घरेलू असंतोष था या विभिन्न संगठनों के बीच अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी कोई भूमिका थी। इसको लेकर  फॉक्स न्यूज डिजिटल की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है जिसमें 54 संगठनों का उल्लेख किया गया है। इनमें वामपंथी राजनीतिक दल, छात्र और युवा संगठन, श्रमिक संघ, शिक्षक संगठन, किसान समूह तथा सामाजिक न्याय से जुड़े संगठन शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट में कुछ फिलीस्तीन समर्थक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों का भी जिक्र है।
 

 रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनों से जुड़े बताए गए 54 संगठनों में 16 छात्र और युवा संगठन हैं। इनमें कम्युनिस्ट युवा समूह और एक मुस्लिम छात्र संगठन का नाम भी शामिल बताया गया है।  अन्य संगठनों में श्रमिक संघ, शिक्षक संगठन, किसान समूह और वामपंथी राजनीतिक दलों का उल्लेख है। रिपोर्ट में ‘येलो वेस्ट्स’ आंदोलन और फ्रांस के वामपंथी राजनीतिक दल ‘ला फ्रांस इंसौमिस’ (एलएफआई) का भी जिक्र किया गया है। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने एलएफआई पर प्रदर्शनों का राजनीतिक लाभ उठाने और अव्यवस्था बढ़ाने का आरोप लगाया है। यह आरोप राजनीतिक विवाद का हिस्सा है। इसे सभी प्रदर्शनकारियों या संबंधित संगठनों के हिंसा में शामिल होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

 

भारतीय मूल के विजय प्रसाद का नाम 
फॉक्स न्यूज डिजिटल की रिपोर्ट में भारतीय मूल के वामपंथी विचारक और लेखक विजय प्रसाद का विशेष उल्लेख किया गया है। वह ‘ट्राइकॉन्टिनेंटल’ नामक संस्था के कार्यकारी निदेशक हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस संस्था को अमेरिकी मूल के कारोबारी नेविल रॉय सिंघम से वित्तीय सहायता मिलती है। सिंघम के शंघाई में रहने का भी उल्लेख किया गया है। प्रदर्शनों के दौरान विजय प्रसाद ने सामाजिक माध्यम एक्स पर ‘पेरिस-नई दिल्ली-ब्यूनस आयर्स’ लिखते हुए विभिन्न देशों के आंदोलनों के बीच समानता की ओर संकेत किया था। फॉक्स न्यूज ने इस संदेश को अलग-अलग देशों के आंदोलनों के बीच अंतरराष्ट्रीय संपर्क और समर्थन के संदर्भ में पेश किया। हालांकि, किसी आंदोलन के प्रति वैचारिक समर्थन जताना या अलग-अलग देशों के आंदोलनों में समानता बताना अपने आप में हिंसा कराने अथवा दंगों की योजना बनाने का सबूत नहीं है। उपलब्ध विवरण में विजय प्रसाद की ओर से हिंसा कराने की प्रत्यक्ष भूमिका का प्रमाण नहीं दिया गया है।

 

‘इंडियन अलायंस पेरिस’ और अंतरराष्ट्रीय समूहों का जिक्र
रिपोर्ट में फ्रांस स्थित भारतीय समुदाय के संगठन ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने सामाजिक माध्यमों के जरिए फ्रांस और भारत में युवाओं के आंदोलनों के बीच संपर्क स्थापित करने की कोशिश की। एक कार्यक्रम में ‘पीपल्स फोरम’ के साथ साझेदारी का भी दावा किया गया है। इसके अतिरिक्त ‘ट्राइकॉन्टिनेंटल’, ‘कोडपिंक’ और ‘ब्रेकथ्रू न्यूज’ जैसे संगठनों और मंचों के नाम भी रिपोर्ट में शामिल हैं। रिपोर्ट इन गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनों के समर्थन और उनके प्रचार-प्रसार के व्यापक संदर्भ में देखती है। लेकिन किसी कार्यक्रम में साझेदारी, आंदोलन से संबंधित संदेश साझा करने या प्रदर्शन के समर्थन को सीधे तौर पर हिंसा में संलिप्तता के बराबर नहीं माना जा सकता। इसके लिए प्रत्यक्ष भूमिका से जुड़े ठोस प्रमाण जरूरी हैं।

 

किन मुद्दों पर हुई प्रदर्शनों की शुरुआत?
फ्रांस में प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था, महंगाई और सरकारी नीतियों को लेकर शुरू हुए थे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शनों में भाग लिया, जबकि कुछ स्थानों पर हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं भी हुईं। फॉक्स न्यूज डिजिटल की रिपोर्ट इन घटनाओं को अंतरराष्ट्रीय वामपंथी नेटवर्क से जोड़कर देखती है। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!