अमेरिका में भारतीय IT प्रोफेशनल्स को बड़ा झटका: TCS, इंफोसिस, विप्रो और माइक्रोसॉफ्ट PERM प्रोग्राम से सस्पेंड

Edited By Updated: 08 Oct, 2026 10:46 PM

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अमेरिका में काम कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और दिग्गज आईटी कंपनियों को अमेरिकी सरकार ने एक बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labor) ने इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल और कॉग्निजेंट जैसी प्रमुख भारतीय व वैश्विक आईटी कंपनियों...

वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में काम कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और दिग्गज आईटी कंपनियों को अमेरिकी सरकार ने एक बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labor) ने इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल और कॉग्निजेंट जैसी प्रमुख भारतीय व वैश्विक आईटी कंपनियों के लिए परमनेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (PERM) को कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया है। इन कंपनियों पर विदेशी कर्मचारियों के लिए स्थायी नौकरी और ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में PERM सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है।

ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पर पड़ेगा सीधा असर
अमेरिकी श्रम विभाग के इस निलंबन के कारण उन कंपनियों पर प्रशासनिक और कानूनी दबाव बढ़ जाएगा, जो बड़ी संख्या में भारतीय आईटी कर्मचारियों को रोजगार देती हैं। इस फैसले से सबसे अधिक वे कर्मचारी प्रभावित होंगे जो फिलहाल अस्थायी वर्क वीजा पर अमेरिका में हैं और ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।

माइक्रोसॉफ्ट और एडॉब पर भी गाज, अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने लगाए गंभीर आरोप
अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने इंफोसिस, टाटा (TCS), विप्रो, एचसीएल, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी के अलावा टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट और एडॉब को भी इस प्रोग्राम से निलंबित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इन कंपनियों के खिलाफ कई संघीय जांच चल रही हैं और माइक्रोसॉफ्ट ने इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा गलत इस्तेमाल किया है।

मामले पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेन्स ने भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि माइक्रोसॉफ्ट ने वर्ष 2025 में करीब 6,000 अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, लेकिन साथ ही यह दावा किया कि उसे योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं। इसी दौरान कंपनी को 6,000 से अधिक H-1B वीजा की मंजूरी मिली और उसने 3,682 PERM आवेदन भी किए, जिनमें से करीब 1,000 आवेदन उन्हीं पदों के लिए थे जिनसे अमेरिकी नागरिकों को हटाया गया था।

क्या रद्द हो गए H-1B वीजा? जानें PERM का पूरा गणित
इस निलंबन का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कंपनियों के H-1B वीजा रद्द कर दिए गए हैं। कंपनियां अब भी H-1B कर्मचारियों को नौकरी पर रख सकती हैं। हालांकि, निलंबन की अवधि के दौरान ये कंपनियां नए PERM आवेदन दाखिल नहीं कर सकेंगी और जो आवेदन पहले से चल रहे हैं, उन्हें भी रोक दिया जाएगा। इससे कंपनियों का प्रशासनिक और कानूनी खर्च भी बढ़ना तय माना जा रहा है।

क्या होता है PERM प्रोग्राम?
PERM (Permanent Labor Certification Program) अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा दी जाने वाली एक अनिवार्य मंजूरी है। इसके जरिए अमेरिका में कार्यरत कंपनियां अपने विदेशी कर्मचारियों को स्थायी नौकरी दे सकती हैं और उनके लिए ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं।

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