Edited By Tanuja,Updated: 10 Oct, 2026 01:54 PM

फ्रांस की अदालत ने बच्चों के उत्पीड़न से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन गिरोह में संलिप्तता के मामले में भारतीय युवक रोहन राणे को 20 साल की जेल सुनाई। पुणे निवासी राणे को 2021 में फ्रांस में गिरफ्तार किया गया था। जांच के अनुसार, गिरोह बच्चों को ऑनलाइन...
Washington: अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में बच्चों का उत्पीड़न करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क में संलिप्तता के मामले में एक भारतीय युवक को शुक्रवार को पेरिस में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई। इस नेटवर्क पर बच्चों को हिंसक और यौन गतिविधियों वाले वीडियो बनाने के लिए मजबूर करने का आरोप है। 'द एसोसिएटेड प्रेस' के पास मौजूद अदालती दस्तावेजों के अनुसार, बाल पीड़ितों को ऑनलाइन मंच 'डिस्कॉर्ड' के जरिए इस नेटवर्क में शामिल किया गया था, ताकि उन्हें 'CVLT' नामक समूह का 'गुलाम' बनाया जा सके। इस समूह के कम से कम तीन अन्य सदस्यों को अमेरिका में गिरफ्तार किया जा चुका है।
अमेरिका के पांच पीड़ितों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील हिप्पोलिट मारकेटी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन गिरोह के सदस्यों में से एक रोहन राणे (29) को नाबालिग से यौन उत्पीड़न और यातना देने के कृत्यों का दोषी पाया गया। राणे को 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई, जो उस पर लगे आरोपों के तहत अधिकतम सजा है। अदालत में मौजूद लोगों के अनुसार, शुक्रवार रात अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने का फैसला सुनाए जाने पर राणे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बच्चों के साथ दुर्व्यवहार से जुड़े इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायाधीशों ने एक असामान्य कदम उठाते हुए मुकदमे की सुनवाई बंद कमरे में करने का आदेश दिया था।
अमेरिकी अधिकारियों से मिली सूचना के बाद, 2021 में फ्रांस के दक्षिणी शहर एंटीब में पुलिस ने राणे को गिरफ्तार किया था। अमेरिका के पांच पीड़ितों की ओर से पैरवी कर रहे वकील मारकेटी ने कहा, "पीड़ितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उनकी जिंदगी पूरी तरह बिखर गई है।" राणे के वकील ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए भेजे गए अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया। मूलरूप से महाराष्ट्र के पुणे का रहने वाला राणे उस समय फ्रांस में पढ़ाई कर रहा था। फ्रांसीसी अधिकारियों ने प्रत्यर्पण पर विचार करने से पहले फ्रांस में उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही पूरी करने का फैसला किया।