Edited By Purnima Singh,Updated: 12 Jul, 2026 12:46 PM

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर फर्जी भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल कर विदेश यात्रा करने की कोशिश करने वाले विदेशी नागरिकों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ऐसे 36 से अधिक...
नेशनल डेस्क : दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर फर्जी भारतीय दस्तावेजों का इस्तेमाल कर विदेश यात्रा करने की कोशिश करने वाले विदेशी नागरिकों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ऐसे 36 से अधिक विदेशी नागरिक पकड़े गए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, औसतन हर पांचवें दिन एक विदेशी नागरिक नकली भारतीय पहचान के साथ एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हो रहा है।
फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला संगठित नेटवर्क सक्रिय
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है, जो विदेशी नागरिकों के लिए पहले भारतीय पते की व्यवस्था करता है। इसके बाद फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कराकर भारतीय पासपोर्ट, वोटर आईडी, राशन कार्ड और पैन कार्ड बनवाए जाते हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में वोटर आईडी बनवाने के लिए दिल्ली के एक विधायक के लेटरहेड का भी इस्तेमाल किया गया।
हाल के मामलों ने बढ़ाई चिंता
बीते महीनों में एयरपोर्ट पर कई विदेशी नागरिक फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ पकड़े गए। इनमें अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं। एक अफगान परिवार जर्मनी से डिपोर्ट होने के बाद भारतीय दस्तावेजों के साथ मिला, जबकि बांग्लादेशी नागरिक रीना फातमा समेत कई लोग भारतीय पासपोर्ट और अन्य पहचान पत्रों के साथ गिरफ्तार किए गए।
असली पासपोर्ट से भारत में प्रवेश, फिर बनवाते हैं फर्जी पहचान
पूछताछ में पता चला है कि नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और अफ्रीकी देशों के कई नागरिक पहले अपने असली पासपोर्ट पर भारत आते हैं। यहां रहने के दौरान दलालों की मदद से फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवा लेते हैं और उन्हीं के आधार पर विदेश यात्रा करने की कोशिश करते हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए इमिग्रेशन विभाग ने एयरपोर्ट पर दस्तावेजों की जांच और कड़ी कर दी है।