Edited By Ramkesh,Updated: 29 Jun, 2026 08:20 PM

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार महादलित विकास मिशन ने राज्य के एससी-एसटी समुदाय के लोगों की सहायता के लिए एक टॉल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003456345 काम करता है। इस हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा जमीनी विवाद के मामले...
नेशनल डेस्क: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार महादलित विकास मिशन ने राज्य के एससी-एसटी समुदाय के लोगों की सहायता के लिए एक टॉल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003456345 काम करता है। इस हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा जमीनी विवाद के मामले दर्ज हो रहे हैं। इसके अलावा अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामले, विकास मित्र से संबंधित शिकायतें, डॉ अम्बेडकर आवासीय विद्यालय, अम्बेडकर कल्याण छात्रावास, प्रोत्साहन राशि समेत कई तरह के मामले दर्ज की गई है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 से मई 2026 तक हेल्पलाइन पर कुल 23,154 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 23,151 मामलों का निपटारा कर दिया गया है। इनमें अत्याचार अधिनियम से संबंधित 139 मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की टॉल-फ्री हेल्पलाइन 14566 पर अत्याचार अधिनियम से संबंधित 853 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 811 का निपटारा किया जा चुका है। शेष मामलों पर विभाग सक्रियता से कारर्वाई कर रहा है।
यह हेल्पलाइन पूरी तरहमुफ़्ती है और राज्य के किसी भी कोने से एससी-एसटी समुदाय के लोग आसानी से संपकर् कर सकते हैं। इस हेल्पलाइन के माध्यम से बिहार महादलित विकास मिशन की विभिन्न योजनाओं (आवास, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, स्वरोजगार आदि) की जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी डिटेल दी जाती है।
जाति आधारित अत्याचार, उत्पीड़न या एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत आने वाली किसी भी घटना की शिकायत पर तुरंत संबंधित जिला और राज्य स्तर के अधिकारियों को सूचित किया जाता है। साथ ही योजनाओं के लाभ वितरण में आने वाली दिक्कतों, आवेदन की स्थिति आदि का भी त्वरित निपटारा किया जाता है। लोग हेल्पलाइन के अलावा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और जिला कल्याण कार्यालयों के माध्यम से भी सहायता ले सकते हैं।