Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Jul, 2026 12:30 PM

सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जून में 13.9 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.95 लाख करोड़ रुपए हो गया। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। घरेलू लेनदेन से सकल जीएसटी संग्रह 6.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपए
बिजनेस डेस्कः सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन जून 2026 में 13.9 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.95 लाख करोड़ रुपए हो गया। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 1.71 लाख करोड़ रुपए था। घरेलू लेनदेन से सकल जीएसटी संग्रह 6.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि आयात से प्राप्त राजस्व 34.6 प्रतिशत बढ़कर 60,038 करोड़ रुपए हो गया। आंकड़ों के अनुसार, कुल 'रिफंड' (प्रतिदाय) जून में 29.1 प्रतिशत बढ़कर 32,436 करोड़ रुपए रहा।
रिफंड का बड़ा आंकड़ा
सिर्फ ग्रॉस रेवेन्यू ही नहीं, बल्कि रिफंड चुकाने के बाद की नेट कमाई (शुद्ध राजस्व) भी शानदार रही है। नेट आधार पर देखें तो सरकार के खाते में 1,62,377 करोड़ रुपए आए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 11.2 प्रतिशत ज्यादा है। इस महीने सरकार ने रिफंड के तौर पर भी बड़ी रकम लौटाई है। कुल 32,436 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया गया है। यह आंकड़ा पिछले साल के 25,121 करोड़ रुपए की तुलना में 29.1 फीसदी अधिक है।
अब अगर टैक्स के अलग-अलग हिस्सों पर नजर डालें तो सेंट्रल जीएसटी (CGST) 37,376 करोड़ रुपए रहा, जिसमें 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, स्टेट जीएसटी (SGST) 4 फीसदी बढ़कर 45,116 करोड़ रुपए हो गया। घरेलू लेनदेन से होने वाला इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) भी 7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 52,282 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।
महाराष्ट्र का दबदबा कायम
राज्यों के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़ों में महाराष्ट्र ने एक बार फिर शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। राज्य का जीएसटी संग्रह 9 प्रतिशत बढ़कर 30,714 करोड़ रुपए पहुंच गया। वहीं, वृद्धि दर के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा। राज्य में जीएसटी कलेक्शन में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और कुल संग्रह 9,165 करोड़ रुपए रहा।
अन्य प्रमुख राज्यों में भी बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। गुजरात का जीएसटी संग्रह 12 प्रतिशत बढ़कर 11,743 करोड़ रुपए, कर्नाटक का 10 प्रतिशत बढ़कर 12,937 करोड़ रुपए और हरियाणा का 9 प्रतिशत बढ़कर 10,065 करोड़ रुपए हो गया। दूसरी ओर, तमिलनाडु प्रमुख राज्यों में एकमात्र ऐसा राज्य रहा जहां जीएसटी कलेक्शन में गिरावट दर्ज की गई। राज्य का संग्रह 2 प्रतिशत घटकर 9,776 करोड़ रुपए रह गया।