Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Jun, 2026 06:01 PM

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। सरकार ने इस बार भी किसी भी योजना की ब्याज दर में बदलाव नहीं किया है। ऐसे में निवेशकों को अपनी जमा...
बिजनेस डेस्कः केंद्र सरकार ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। सरकार ने इस बार भी किसी भी योजना की ब्याज दर में बदलाव नहीं किया है। ऐसे में निवेशकों को अपनी जमा राशि पर पहले की तरह ही रिटर्न मिलता रहेगा। यह लगातार नौवीं तिमाही है जब इन दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP) और डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं पर मौजूदा ब्याज दरें जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान भी लागू रहेंगी।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, "वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (एक जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक) के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वही रहेंगी, जो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए अधिसूचित की गई थीं।" अधिसूचना के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है। लोकप्रिय बचत योजना पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत और डाकघर बचत जमा योजना पर दर चार प्रतिशत पर ही स्थिर रहेगी।
किसान विकास पत्र (KVP) पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत होगी और इसमें किया गया निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा। वहीं, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दर 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी। पहली तिमाही की तरह ही, डाकघर की मासिक आय योजना के निवेशकों को दूसरी तिमाही में भी 7.4 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। मुख्य रूप से डाकघरों और बैंकों द्वारा संचालित इन लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में सरकार ने आखिरी बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में कुछ बदलाव किया था, जिसके बाद से ये दरें लगातार नौवीं बार स्थिर रखी गई हैं।