मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: आर्थिक कमजोर परिवारों को बड़ा सहारा, बेटियों को मिल रहा सम्मानजनक जीवन

Edited By Updated: 06 May, 2026 08:57 PM

a major support for economically weaker families daughters are attaining a life

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आई है। योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश की लाखों बेटियों के विवाह को न केवल आसान बनाया है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से नई जिंदगी शुरू...

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आई है। योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश की लाखों बेटियों के विवाह को न केवल आसान बनाया है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से नई जिंदगी शुरू करने का अवसर भी दिया है। शादी जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजन में होने वाले भारी खर्च से जूझ रहे परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न करा चुकी है।

योगी सरकार की पहल से बढ़ा भरोसा

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत वर्ष 2017-18 में की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित करना है। योजना के तहत प्रति जोड़े 1 लाख की सहायता दी जाती है। इसमें 60,000 सीधे वधू के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, जबकि 25,000 के उपहार और आवश्यक सामान तथा 15,000 विवाह आयोजन की व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत धनराशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है और लोगों का भरोसा इस योजना पर लगातार बढ़ा है।

खाने से लेकर जरूरी सामान तक पूरी व्यवस्था

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि योगी सरकार विवाह की पूरी जिम्मेदारी अपने स्तर पर सुनिश्चित करती है। सामूहिक विवाह समारोह में खान-पान, पंडाल, सजावट और अन्य व्यवस्थाएं सरकारी स्तर पर की जाती हैं। इसके साथ ही नवविवाहित जोड़े को कपड़े, बर्तन, पायल, बिछिया सहित अन्य जरूरी घरेलू सामान भी उपलब्ध कराया जाता है। इन सभी के चीजों लिए रुपये निर्धारित हैं। इससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है और वह अपनी बेटियों की शादी बिना किसी तनाव के कर पाते हैं।

पारदर्शी प्रक्रिया, सीधे खाते में सहायता

योजना की पारदर्शिता इसकी सफलता का प्रमुख आधार है। लाभार्थियों का चयन निर्धारित पात्रता के आधार पर किया जाता है, जिसमें परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से कम होना जरूरी है। आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे इच्छुक परिवार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सहायता राशि सीधे वधू के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और लाभ सीधे जरूरतमंद तक पहुंचता है।

लाखों बेटियों का हुआ सम्मानजनक विवाह

योजना की लोकप्रियता और प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025- 26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न कराए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना ने प्रदेश के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई है और गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है। इससे न केवल आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।

सामाजिक समरसता को मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही है। सामूहिक विवाह के माध्यम से समाज में समानता और एकता का संदेश दिया जा रहा है। अलग-अलग वर्गों और समुदायों के लोग एक ही मंच पर विवाह कर एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण का निर्माण कर रहे हैं।

पात्रता और आवेदन प्रक्रिया आसान

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से कम है। लाभार्थी शादी अनुदान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार योजना से जुड़ सकें।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!