'उन्हें बता दीजिए, हम डरते नहीं हैं...', जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद बोले अभिजीत दीपके

Edited By Updated: 06 Jun, 2026 08:58 PM

abhijit deepke spoke after the protest at jantar mantar

सैकड़ों प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और इस दौरान सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने...

नेशनल डेस्क : सैकड़ों प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और इस दौरान सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से यह संदेश देने को कहा कि ''हम डरते नहीं'' है। प्रदर्शन का आह्वान करने वाले दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद वह जंतर-मंतर पहुंचे, जहां सुबह से ही लोग एकत्र होने लगे थे। प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लिए प्रदर्शनकारी 'कॉकरोच' (तिलचट्टे) के मुखौटे पहने नजर आए। ये मुखौटे प्रदर्शन स्थल पर बांटे जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

इसके अलावा उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ''हिंदू-मुस्लिम'' की राजनीति बंद करने की मांग करते हुए भी नारेबाजी की और ''भारत माता की जय'' के नारे भी लगाए। दीपके ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे केवल देश, महात्मा गांधी एवं बी. आर. आंबेडकर के समर्थन में नारे लगाएं और सांप्रदायिक राजनीति का विरोध करें। सीजेपी संस्थापक ने कहा कि उनके अमेरिका जाते समय उनकी मां उतना नहीं रोई थीं, जितना वह उनके लौटने पर रोईं, क्योंकि उन्हें डर था कि भारत लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ''यह सिर्फ मेरी मां का डर नहीं है, यह हर उस युवा के माता-पिता का डर है, जो राजनीति पर बोलता है... हम कब तक डर में जीते रहेंगे? उन्हें बता दीजिए, हम डरते नहीं हैं।'' भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए प्रदर्शन में दीपके के साथ बाद में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की एनी राजा और वामपंथी छात्र एवं युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ''मेरे दोस्तों, यह संघर्ष लंबा है।

सोशल मीडिया पर प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए हमें एक महीना हो गया है, लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय वे ध्यान भटकाने वाले अन्य कामों में लगे हैं, जैसे हमारे अकाउंट हैक करना और हमारी पोस्ट हटवाना। आप हमारी पोस्ट हटा सकते हैं, लेकिन हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते।'' भीड़ ने उनके संबोधन का उत्साह के साथ समर्थन किया। दीपके ने सुबह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने आगमन का जिक्र करते हुए कहा कि विमान के उतरने से ठीक पहले उन्हें लगा था कि जैसे वह अपनी आजादी के आखिरी क्षण जी रहे हों। उन्होंने कहा, ''मैं इस मकसद के लिए अपनी आजादी कुर्बान करने को पूरी तरह तैयार था।''

सीजेपी संस्थापक ने दावा किया कि कई लोगों ने जेल जाने के डर से समझौता कर लिया और ''खुद को बेच दिया''। उन्होंने भीड़ की जोरदार तालियों के बीच कहा, ''लेकिन इस देश के छात्र-युवा नहीं बिके हैं।'' प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनमें खासकर युवा थे। उनमें से कई ने कॉकरोच के मुखौटे पहन रखे थे और वे हाथों में फूल लिए हुए थे। स्कूली छात्र भी अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन में शामिल होते दिखाई दिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों में अधिकतर स्कूली और कॉलेज छात्र तथा युवा पेशेवर थे। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए छात्रों ने नारे लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। दीपके ने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने का आग्रह किया। वांगचुक ने कहा कि वह युवाओं और उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन से प्रभावित हैं। उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि सरकार ने प्रदर्शन की अनुमति दी। उन्होंने कहा, ''मुझे उम्मीद है कि भविष्य में भी सरकार इसी प्रकार की रचनात्मक अभिव्यक्तियों की अनुमति देगी।''

वांगचुक ने दीपके को 'कॉकरोच-इन-चीफ' बताते हुए उनका धन्यवाद किया और प्रदर्शनकारियों से कहा, ''आप घर पर बैठकर रोते नहीं रहे और न ही सड़क पर कोई हंगामा कर रहे हैं।'' प्रदर्शनकारी संविधान की प्रतियां और राष्ट्रध्वज भी लेकर आए थे तथा कुछ लोग फूल लेकर पहुंचे थे। दीपके की तबीयत खराब होने के बाद प्रदर्शन अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे समाप्त हो गया। यह प्रदर्शन सीजेपी ने आयोजित किया था।

सीजेपी युवाओं के नेतृत्व वाला एक ऑनलाइन आंदोलन है जो राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं सहित विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहा है। प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हवाई अड्डे, सीमा प्रवेश बिंदुओं और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया था।

नयी दिल्ली और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर एहतियात के तौर पर 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान दो समूहों के बीच संभावित टकराव को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस को ऑनलाइन आंदोलन के समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव की आशंका से संबंधित सूचनाएं मिली थीं, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत में लिये जाने की एहतियातन कार्रवाई की गई। प्रदर्शन से पहले सीजेपी ने दिशानिर्देश जारी कर प्रदर्शनकारियों से अहिंसक आचरण बनाए रखने और टकराव से बचने का आग्रह किया था। दीपके की अपील में भी इन निर्देशों को दोहराया गया और प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया गया। 

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