'नोटबंदी' के बाद देश 'वोटबंदी' का सामना कर रहा है : सचिन पायलट

Edited By Updated: 02 Oct, 2026 05:25 PM

after demonetisation the country is facing  votebandi says sachin pilot

कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं, जिनमें गोवा के 1.7 लाख मतदाता शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग के कामकाज में पारदर्शिता नहीं है।

पणजी : कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने शुक्रवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को ''असंवैधानिक'' करार दिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लाखों मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में अब ''वोटबंदी'' देखी जा रही है। पणजी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं, जिनमें गोवा के 1.7 लाख मतदाता शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग के कामकाज में पारदर्शिता नहीं है। 

पायलट ने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली में हाल में किए गए बदलावों से मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यालय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की पारंपरिक भूमिका को दरकिनार करते हुए सीधे नाम जोड़ने या हटाने में सक्षम हो गया है। पायलट ने आरोप लगाया, ''कानून के अनुसार तीनों निर्वाचन आयुक्तों के बीच फैसले आम सहमति या बहुमत के आधार पर लिए जाने चाहिए। हालांकि, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (ज्ञानेश कुमार) ने मनमाने ढंग से मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं।'' उन्होंने दावा किया कि एसआईआर का इस्तेमाल चुनिंदा तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है और इस प्रक्रिया की तुलना नोटबंदी से करते हुए कहा कि देश अब ''वोटबंदी'' का सामना कर रहा है। 

पायलट ने भाजपा नीत गोवा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था चरमराने का आरोप लगाया और राजनेताओं, बिल्डरों तथा भूमि सिंडिकेट के बीच गठजोड़ का दावा किया। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राज्य की भूमि नीतियों में बार-बार बदलाव कर प्रभावशाली लोगों के हितों को लाभ पहुंचाया गया, जिससे ऐसी दोहरी कानून व्यवस्था बन गई है, जिसमें आम नागरिकों के साथ भेदभाव होता है जबकि प्रभावशाली लोगों को तरजीह दी जाती है। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!