आईटी सेक्टर में 'AI' का कोहराम! एक्टिव टेक जॉब ओपनिंग 8% घटी, अब सिर्फ जरूरी पदों पर भर्ती

Edited By Updated: 07 Apr, 2026 01:38 PM

ai  wreaks havoc in the it sector active tech job openings by 8

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग ने पारंपरिक नौकरियों की मांग को प्रभावित किया है। यही वजह है कि टेक हायरिंग में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। नई रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनियाँ अब बड़ी संख्या में भर्ती करने के बजाय चुनिंदा और उच्च कौशल...

नेशनल डेस्क : भारतीय आईटी सेक्टर में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां कंपनियाँ लागत में कटौती और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग ने पारंपरिक नौकरियों की मांग को प्रभावित किया है। यही वजह है कि टेक हायरिंग में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। नई रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनियाँ अब बड़ी संख्या में भर्ती करने के बजाय चुनिंदा और उच्च कौशल वाले प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दे रही हैं। इससे नौकरी के अवसर सीमित होते जा रहे हैं, खासकर एंट्री-लेवल और सपोर्ट भूमिकाओं में।

2.5 लाख से घटकर 1.1 लाख पहुंचीं वैकेंसी

स्टाफिंग फर्म Xpheno की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में एक्टिव टेक जॉब ओपनिंग 8% घटकर 1.10 लाख रह गईं, जो मार्च में 1.19 लाख थीं। रिपोर्ट बताती है कि अप्रैल 2022 में भारत के टेक सेक्टर में 2.56 लाख एक्टिव जॉब ओपनिंग थीं, जो महामारी के बाद आई तेजी का परिणाम थीं और कुल हायरिंग का 83% हिस्सा टेक सेक्टर से ही आ रहा था। हालांकि अब स्थिति बदल चुकी है। Xpheno की ‘एक्टिव टेक जॉब्स आउटलुक’ रिपोर्ट के अनुसार, कुल हायरिंग में टेक सेक्टर की हिस्सेदारी घटकर 49% रह गई है। पिछले तीन महीनों में जो थोड़ी बहुत बढ़त देखी गई थी, वह भी खत्म हो चुकी है और लगातार चार तिमाहियों से भर्ती की रफ्तार धीमी बनी हुई है।

अब कंपनियाँ केवल जरूरी पदों या नए स्किल सेट के लिए ही भर्ती

IT सेवा कंपनियों में मंदी का असर साफ दिखाई दे रहा है। अब कंपनियाँ केवल जरूरी पदों या नए स्किल सेट के लिए ही भर्ती कर रही हैं, जबकि AI आधारित कार्यप्रणालियों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। दूसरी ओर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में हायरिंग जारी है, लेकिन यहां भी प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक चयनात्मक हो गई है।

अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार, फुल-टाइम भूमिकाओं की संख्या 85,000 है, जिसमें IT सेवाओं में 43,000 और GCCs में 15,000 ओपनिंग शामिल हैं। इसके अलावा मिड-जूनियर लेवल पर 6,000, कॉन्ट्रैक्ट रोल्स में 5,000 और कंसल्टिंग व एडवाइजरी में करीब 4,000 पद उपलब्ध हैं।

एडेको इंडिया के डायरेक्टर संकेत चेंगप्पा का कहना है कि कंपनियाँ हायरिंग पूरी तरह बंद नहीं कर रही हैं, बल्कि उसे टाल रही हैं। खासकर अमेरिका और यूरोप के क्लाइंट्स फिलहाल नए फैसलों में देरी कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह सुस्ती मुख्य रूप से लागत नियंत्रण और रणनीतिक बदलावों का परिणाम है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!