Air India Plane Crash: ‘आखिरी सांस तक प्लेन बचाने की कोशिश करते रहे पायलट’ कैप्टन के शव को लेकर सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

Edited By Updated: 18 May, 2026 09:30 AM

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Air India AI-171 Crash: अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे को लेकर एक ऐसा दावा सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। मुर्दाघर तक पहुंचने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि अंदर का मंजर बेहद भयावह था और उसने ऐसे दृश्य देखे...

Air India AI-171 Crash: अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे को लेकर एक ऐसा दावा सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। मुर्दाघर तक पहुंचने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि अंदर का मंजर बेहद भयावह था और उसने ऐसे दृश्य देखे जिन्हें वह जिंदगीभर नहीं भूल पाएगा। उसने दावा किया कि विमान के कप्तान का शव अब भी कॉकपिट के स्टीयरिंग कंट्रोल को पकड़े हुए था, मानो वह आखिरी सांस तक विमान को बचाने की कोशिश कर रहे हों।

बता दें कि लंदन जा रही एयर इंडिया की Boeing 787 Dreamliner उड़ान टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद अहमदाबाद के BJ Medical College के हॉस्टल भवन से टकरा गई थी। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर समेत कुल 260 लोगों की मौत हुई थी। सिर्फ एक यात्री की जान बच पाई थी। मृतकों में रोमिन वोहरा के परिवार के सदस्य भी शामिल थे। उनकी आंटी याशमिन, लंदन में Amazon में काम करने वाले भाई परवेज और तीन साल की भतीजी की इस हादसे में मौत हो गई थी।

मॉर्चरी में दिखे भयावह दृश्य
रोमिन वोहरा ने विदेशी मीडिया को बताया कि वह अहमदाबाद सिविल अस्पताल में कोविड काल के दौरान पैथोलॉजी लैब असिस्टेंट रह चुके थे, इसलिए पहचान के जरिए वह मॉर्चरी तक पहुंच गए। उनका मकसद अपने परिवार के लोगों की पहचान करना था। लेकिन अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।
उन्होंने बताया कि कई शव जमीन पर एक साथ रखे गए थे। कहीं कटे हुए हाथ-पैर पड़े थे तो कहीं जले हुए शव। उन्होंने एक मां को अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए देखा। वहीं एक छोटी बच्ची की खोपड़ी देखकर वह अपनी भतीजी की तस्वीर से मिलान करने की कोशिश कर रहे थे।

कैप्टन अब भी बैठे हुए थे
रोमिन के अनुसार सबसे ज्यादा चौंकाने वाला दृश्य विमान के पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल का था। उन्होंने दावा किया कि पायलट का शव मॉर्चरी के एक कोने में अलग रखा गया था। उनके मुताबिक कैप्टन का शरीर पीछे से जला हुआ था, लेकिन सामने का हिस्सा काफी हद तक सुरक्षित दिख रहा था। उन्होंने सफेद पायलट यूनिफॉर्म पहन रखी थी, कंधों पर चार गोल्डन स्ट्राइप्स थीं, टाई और जूते भी वैसे ही मौजूद थे। रोमिन ने दावा किया कि कैप्टन सभरवाल के हाथ में अब भी विमान का योक (steering control) था, जिससे विमान को कंट्रोल किया जाता है। माना जा रहा है कि टक्कर के दौरान या रेस्क्यू ऑपरेशन में यह हिस्सा कॉकपिट से अलग हो गया होगा।

आखिरी पल तक प्लेन बचाने की कोशिश
एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह दावा सही है, तो इससे संकेत मिल सकता है कि पायलट आखिरी सेकेंड तक विमान को संभालने की कोशिश कर रहे थे। जांच एजेंसी की शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया था कि टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी। कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई दिया था -
“तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?”
जिस पर जवाब मिला - “मैंने नहीं किया।”
इसके बाद सोशल मीडिया और एविएशन जगत में पायलट एरर को लेकर कई सवाल उठे थे।

परिवार ने रिपोर्ट पर उठाए सवाल
हालांकि कैप्टन सभरवाल के परिवार और पायलट संगठनों ने शुरुआती रिपोर्ट पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनके पिता पुष्कराज सभरवाल और Federation of Indian Pilots ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रिपोर्ट को “एकतरफा” और “गलत दिशा में ले जाने वाली” बताया।

सुप्रीम Court ने भी इस तरह की अटकलों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था।
वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने लोगों से जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचने की अपील की है। अंतिम जांच रिपोर्ट अगले महीने आने की संभावना है।

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