Edited By Anu Malhotra,Updated: 11 May, 2026 09:52 AM

Stock Market Crash: रविवार को पीएम मोदी के गोल्ड न खरीदने की अपील के बाद आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट बढ़ गई और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों बड़े इंडेक्स भारी...
Stock Market Crash: रविवार को पीएम मोदी के गोल्ड न खरीदने की अपील के बाद आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट बढ़ गई और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों बड़े इंडेक्स भारी गिरावट के साथ कारोबार करने लगे। ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंता ने बाजार पर दबाव बनाया।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 900 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 250 अंकों से अधिक फिसल गया। शुरुआती कारोबार में लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में दिखाई दिए।
बाजार खुलते ही बढ़ी गिरावट
30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,328 के मुकाबले करीब 76,600 के स्तर पर खुला। कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में इसमें और गिरावट आई और इंडेक्स लगभग 944 अंक टूटकर 76,300 के आसपास पहुंच गया।
वहीं, निफ्टी 50 भी पिछले बंद 24,176 से नीचे खुला और शुरुआती कारोबार में 23,900 के करीब पहुंच गया। बाजार में तेज बिकवाली के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर नजर आया।
बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
1. Middle East Tension से बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता फिर बढ़ गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा और निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी।
2. Crude Oil Prices में तेज उछाल
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। तेल महंगा होने से भारत जैसे आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ता है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई देता है।
3. निवेशकों में बढ़ा डर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई, ग्लोबल अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है।
सभी सेक्टर में बिकवाली
सोमवार की गिरावट में आईटी, बैंकिंग, फार्मा और मेटल सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। कई बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे:
- TCS
- Infosys
- Tech Mahindra
- ICICI Bank
- Kotak Mahindra Bank
- Tata Steel
- Sun Pharma
- ITC
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखी गई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ग्लोबल तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने से बचना चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।